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UP: ग्रेनो को मनमोहन सिंह ने दी थी वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की सौगात, दादरी को मिली वैश्विक पहचान

Sat, 28 Dec 2024 02:25 PM IST
विजय पुंडीर अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

सार

वेस्टर्न कॉरिडोर यूपी के दादरी से मुंबई के जवाहर लाल नेहरू पोर्ट तक बन रहा है और यह वेस्टर्न कॉरिडोर 1499 किमी लंबा है। फिलहाल, इस परियोजना को वर्ष 2015 में शुरू किया गया है और अब अंतिम चरण में काम चल रहा है।
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ग्रेनो को मनमोहन सिंह ने दी थी वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की सौगात - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्रेटर नोएडा के दादरी से होकर गुजर रहे वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की सौगात पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अप्रैल 2005 में दी थी। इस परियोजना के मिलने के बाद दादरी को वैश्विक पहचान मिली थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की घोषणा के बाद ही जमीन के सर्वे और अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई थी।

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माल ढुलाई के लिए अलग से ऐसे लाइन के विकास की जरूरत महसूस हुई जिन पर सिर्फ मालगाड़ियां चलें ताकि किसी तरह का डिस्टर्बेंस न हो और माल तेज तेजी से देश के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंच सके। इस बात को ध्यान में रखते हुए तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मुखिया मनमोहन सिंह ने अप्रैल 2005 में इस परियोजना की घोषणा की। वेस्टर्न कॉरिडोर यूपी के दादरी से मुंबई के जवाहर लाल नेहरू पोर्ट तक बन रहा है और यह वेस्टर्न कॉरिडोर 1499 किमी लंबा है। फिलहाल, इस परियोजना को वर्ष 2015 में शुरू किया गया है और अब अंतिम चरण में काम चल रहा है।

वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर दादरी को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के नवी मुंबई में जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह से जोड़ता है। इस गलियारे का निर्माण रेल मंत्रालय के तहत एक सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की ओर से किया जा रहा है।

ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का उद्देश्य भारत की 70% मालगाड़ियों को इन दो गलियारों में ले जाकर रेलवे नेटवर्क पर भीड़भाड़ कम करना है। पश्चिमी डीएफसी विशेष रूप से बढ़ी हुई भार वहन क्षमता के साथ उच्च गति पर माल परिवहन के लिए है। माल वस्तुओं में उर्वरक, खाद्यान्न, नमक, कोयला, लोहा, इस्पात और सीमेंट शामिल हैं। मेरठ को कई एक्सप्रेसवे के माध्यम से नोडल कनेक्टिविटी के कारण ईडीएफसी पर सबसे बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में प्रस्तावित किया गया है। पश्चिमी डीएफसी, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे (डीएमआईसी) की एक महत्वपूर्ण रीढ़ होगी। दादरी रेलवे स्टेशन के सेवानिवृत्त अधीक्षक मोहन सिंह मीणा ने बताया, वर्ष 2005 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस परियोजना घोषणा की थी। इसके बाद यहां सर्वे आदि की कार्रवाई शुरू की गई थी।
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दो बार आए थे नोएडा
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह दो बार शहर के मेट्रो अस्पताल में आए थे। पहली बार 2001 में नोएडा के मेट्रो अस्पताल में कम्युनिस्ट पार्टी के नेता हरिकिशन सिंह सुरजीत को देखने आए थे। तब तक वह प्रधानमंत्री नहीं बने थे। दूसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में डॉ मनमोहन सिंह शहर में आए थे। उनका आना उस दौरान हुआ था, जब 2008 में हरिकिशन सिंह सुरजीत मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती थे।
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