- विशेष पॉक्सो अदालत ने युवक को ठहराया दोषी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो विजय कुमार हिमांशु की अदालत ने बिजनौर निवासी रिजवान को नाबालिग छात्रा का पीछा करने का दोषी मानते हुए एक साल की सजा सुनाई है। उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगा है। जुर्माना न देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी पास की सोसाइटी में ट्यूशन पढ़ने जाती थी। आरोपी रिजवान लगातार उनकी बेटी का पीछा कर उसे परेशान करता था। 13 मार्च 2019 को जब पुत्री ट्यूशन जा रही थी तब आरोपी ने उसका पीछा किया और उसका हाथ पकड़ने का प्रयास किया। पिता ने किसी तरह अपने आप को छुड़ाकर सोसाइटी के गेट में प्रवेश किया और घर आकर अपनी मां को पूरी घटना बताई थी। अगले दिन 14 मार्च 2019 को जब पीड़िता दोबारा ट्यूशन जा रही थी। तब उसके पिता, मां और कुछ पड़ोसी ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। मामले में सेक्टर 49 कोतवाली नोएडा में केस दर्ज है। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा-354, 506 और पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 में यौन उत्पीड़न के तहत चार्जशीट दाखिल की गई थी। अभियोजन ने मामले को साबित करने के लिए पांच गवाह पेश किए।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि उसने शिकायतकर्ता के घर में लकड़ी का काम किया था। मजदूरी के भुगतान को लेकर दोनों के बीच विवाद था। न्यायाधीश ने पाया कि स्कूल के रिकॉर्ड के अनुसार पीड़िता की उम्र घटना के वक्त लगभग 15 वर्ष थी।