नई दिल्ली। रोहिणी कोर्ट ने एक 16 वर्षीय नाबालिग के उत्पीड़न में दोषी को एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि छेड़छाड़ महिला के सम्मानपूर्वक जीने के अधिकार का उल्लंघन है। 28 वर्षीय दोषी पॉक्सो अधिनियम की धारा 12 (यौन उत्पीड़न) के तहत दोषी करार है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीति सूरी मिश्रा ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही, अदालत ने नाबालिग पीड़िता को हुए मानसिक आघात और उसकी भावनात्मक स्थिति पर गहरा असर पड़ने के बाद उसे एक लाख रुपये का मुआवजा दिया। विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि दोषी फरवरी 2020 में किए गए घृणित और निंदनीय कृत्य के लिए किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दोषी ने पीड़िता के साथ यौन उत्पीड़न किया था, जब वह छोटी थी। उसने उसके प्रति यौन इरादे से इशारे किए और उसे अपना मोबाइल नंबर देने के लिए अनुरोध भेजकर उससे संपर्क करने की भी कोशिश की। ब्यूरो