इसका पता किया तो पता चला कि लीजरेंट के 12.38 लाख रुपये जमा करने थे, तो सभी ने चंदा एकत्र कर सोसाइटी के पदाधिकारियों को पैसा सौंप दिया था। आरोपियों ने तब अपने अकाउंट से 8 हजार रुपये का डीडी बनवाकर प्राधिकरण में जमा करा दिया था। मगर वहां से मिले चालान फार्म पर 12.38 लाख रुपये अंकित कर मस्जिद के कागजात में जमा करा दिया था। आरोप है कि लीजरेंट जमा नहीं करने के कारण अब ब्याज समेत 42 लाख रुपये बकाया हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में दिल्ली के सैय्यद नवेद फैसल उर्फ बॉबी को गिरफ्तार किया था। आरोपों की तलाश की जा रही थी।
कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि शनिवार को पुलिस को गोपनीय सूत्रों और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से बीटा-2 से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने सह आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किया था। इस गिरोह ने विशेष उद्देश्य के लिए चंदे के नाम पर 12 लाख 38 हजार रुपये की धनराशि एकत्र की थी। जिसे बैंक में जमा न कर आपस में बांट लिया था। आरोपी से पूछताछ जारी है। उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।