नूंह। जिले में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। भविष्य में पीपीपी के माध्यम से ही नागरिकों को योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इसलिए लोग पीपीपी अवश्य बनवाएं। जिले में 2 लाख 12 हजार 5 लोगों के पीपीपी बनाए जा चुके हैं। नूंह में पीपीपी बनाने का कार्य लगभग 84 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है। यह बातें जिला सचिवालय में अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मुनीष नागपाल ने कहीं।
उन्होंने कहा कि जल्द ही पीपीपी का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा। नागरिक नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर पीपीपी निशुल्क बनवा सकते हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से पीपीपी बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्य की समय-समय पर समीक्षा भी की जा रही है। वहीं, मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्वयं फीडबैक ले रहे हैं। पीपीपी बनाने के कार्य में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका अहम रहती है। उन्होंने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर में पीपीपी अपडेट भी करवा सकते हैं। इसके लिए वोटर, आईडी और आधार कार्ड आदि दस्तावेज आवश्यक हैं।
बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लिए पीपीपी अनिवार्य
जिला समाज कल्याण अधिकारी सरफराज खान ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशन लाभार्थियों के लिए पीपीपी अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने लाभार्थियों से आह्वान किया है कि वे शीघ्र पीपीपी बनवा लें, ताकि उन्हें विभाग द्वारा पेंशन का लाभ मिलता रहे।