यहां से बुधवार सुबह करीब 8 बजे पुलिसकर्मी आरोपियों को लेकर दोबारा अस्पताल पहुंचे। इस बार चिकित्सक तो मौजूद थे, लेकिन महिला चिकित्सक होने से उन्होंने परीक्षण नहीं किया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने आला अधिकारियों के माध्यम से सीएमएस से शिकायत की।
इसके बाद सीएमएस ने अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों को कमरे में बुलाकर फटकार लगाई। इसके बाद भी आरोपियों की जांच के लिए पुलिसकर्मियों को दोपहर 12:30 बजे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद दोनों आरोपियों का परीक्षण हुआ।
फेज तीन थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह ने बताया कि चिकित्सीय परीक्षण के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। बताया जा रहा था कि अस्पताल में पुरुष चिकित्सक मौजूद नहीं थे। अब यह बात कितनी ठीक है, इसका पता नहीं है।
वहीं सीएमएस जिला अस्पताल डॉ. वंदना शर्मा ने इस मामले में कहा कि बुधवार सुबह आपातकालीन विभाग में महिला चिकित्सक की ड्यूटी थी। इसलिए चिकित्सीय परीक्षण नहीं किया जा सका। जानकारी मिलते ही दोनों आरोपियों का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया।