जीटीबी में होगी फेफड़ों की जांच, शुरू हुई ब्रोंकोस्कोपी
- कैंसर, तपेदिक, हेमोप्टाइसिस सहित अन्य जांच होंगी आसान, नहीं रेफर करने पड़ेंगे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल व यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज में बनाए गए श्वसन चिकित्सा विभाग में ब्रोंकोस्कोपी की सुविधा शुरू की गई है। यह परीक्षण कई श्वसन स्थितियों जैसे कैंसर, तपेदिक, हेमोप्टाइसिस आदि के निदान के लिए बहुत उपयोगी होगा। अभी तक इस सुविधा के अभाव में मरीजों को दूसरे अस्पताल में रेफर किया जा रहा था।
गुरु तेग बहादुर अस्पताल और यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज की चिकित्सा निदेशक डॉ. अस्मिता एम राठौर ने बताया कि ब्रोंकोस्कोपी फेफड़ों की जांच करने का एक आसान परीक्षण है। इस प्रक्रिया में एक छोटी ट्यूब नाक या मुंह से फेफड़ों में डाली जाती है। इसमें टिश्यू का एक छोटा टुकड़ा निकालकर उसकी प्रयोगशाला में जांच की जाती है। इससे मरीजों बेहतर इलाज मिलेगा। उन्होंने बताया कि श्वसन चिकित्सा का नया डिपार्टमेंट विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार वर्मा के नेतृत्व में शुरू किया गया। यहां जल्द ही एडवांस्ड पल्मोनरी फंक्शन टेस्टिंग, स्लीप स्टडी, एलर्जी टेस्टिंग सहित अन्य सेवाओं को भी शुरू किया जाएगा।
बढ़ेगी बेडों की संख्या:
अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक व प्रवक्ता डॉ. रजत झाम्ब ने कहा कि सेवाओं में विस्तार होने के बाद अस्पताल से रेफरल की संख्या कम होगी। उन्होंने कहा कि जनशक्ति और बुनियादी ढांचे के मामले में विभाग का विस्तार भी प्रक्रिया में है। अस्पताल में नई इमारत का काम भी तेजी से चल रहा है। इस विभाग में मरीजों की सुविधा के लिए अधिक बेड और अतिरिक्त सुविधाएं होंगी।