- संदिग्ध गोवंश को पकड़कर पोवारी गोशाला में रखा जाएगा, जिले में अब तक 26 हजार गोवंश का टीकाकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। शहर के विभिन्न सेक्टरों में लावारिस हालत में घूम रहे गोवंश में लंपी संक्रमण के मामले सामने आए हैं। पिछले सप्ताह सेक्टरों में घूम रहे 12 गोवंश में लंपी बीमारी की पुष्टि हुई थी। सभी संक्रमित गोवंश को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की पोवारी गोशाला में अलग रखकर उपचार किया गया। उपचार के बाद स्वस्थ होने पर इन्हें गोशाला में भेज दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी गोवंश अब स्वस्थ हैं।
ग्रेटर नोएडा के बीटा-1 सेक्टर निवासी हरेंद्र भाटी ने शनिवार को शहर की समस्या समाधान ग्रुप में एक गोवंश की तस्वीर पोस्ट की। तस्वीर में गोवंश के शरीर पर दाने दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने के बाद पशुपालन विभाग और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम सक्रिय हो गई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अरुण कुमार ने प्राधिकरण के अधिकारियों को संदिग्ध गोवंश की तलाश कर उसे पोवारी गोशाला पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। गोवंश को पकड़कर उसके नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
जिलाधिकारी ने जारी किए थे दिशा-निर्देश
पिछले महीने सहारनपुर और शामली में लंपी के कुछ मामले सामने आने के बाद गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने जिले के तीनों प्राधिकरणों, नगर पालिका परिषद दादरी, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे। उन्होंने लंपी के लक्षण वाले गोवंश की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को देने, संक्रमित पशुओं को अलग रखने और उनका उपचार कराने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा गोवंश का टीकाकरण कराने और दूसरे स्थानों से गोवंश के परिवहन पर रोक समेत अन्य एहतियाती कदम उठाने को कहा गया था। जिले में अब तक करीब 26 हजार गोवंश का लंपी से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा चुका है। करीब 50 हजार गोवंश का टीकाकरण किया जाना है।
लंपी के लक्षण वाले गोवंश को पोवारी गोशाला में अलग रखने की व्यवस्था है। संदिग्ध गोवंश के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. अरुण कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी