पुन्हाना। टिड्डियों के दल ने सोमवार की शाम नूंह जिले के पुन्हाना इलाके में प्रवेश किया। इससे प्रशासन और किसान चिंतित नजर आए। करीब 8 से 10 किलोमीटर के क्षेत्र को टिड्डियों ने प्रभावित किया। लुहिंगाकला गांव के करीब टिड्डियों का दल दो हिस्सों में बंट गया, एक दल फिरोजपुर झिरका और दूसरा राजस्थान के अलवर-भरतपुर जिले की ओर चला गया। टिड्डी दल से बचाव के लिए पुन्हाना प्रशासन ने पहले से ही तैयारी कर ली थी। टिड्डियों ने पुन्हाना और फिरोजपुर झिरका खंड के कई गांवों में दहशत मचाई। लेकिन ग्रामीणों और प्रशासन के अधिकारियों ने सतर्क रहकर फसलों को भारी मात्रा में नुकसान होने से बचा लिया।
पुन्हाना एसडीएम वैशाली शर्मा ने बताया कि सोमवार की शाम वह पुन्हाना में थी। अचानक उन्होंने टिड्डियों को भारी संख्या में देखा तो आसपास के लोगों और किसानों को इसकी सूचना दी। उन्होंने बताया कि पुन्हाना के अधिकतर गांवों से यह दल निकल गया और गांव लुहिंगाकला गांव के करीब से यह दो हिस्सों में बंट गया। एसडीएम ने बताया कि रात के समय यह दल पुन्हाना खंड के गांव बादली, बडेड और नीमखेडा में ठहरा था। जहां पर किसानों और अधिकारियों को मौके पर भेजकर रात के समय में ही शोर मचाकर और फायर बिग्रेड की गाड़ियों से स्प्रे कराकर भगा दिया गया था। उन्होंने बताया कि पुन्हाना क्षेत्र में किसी भी गांव में कोई नुकसान नहीं हुआ है।
फिरोजपुर झिरका के कई गांवों में भी कृषि विभाग के अधिकारियों और गांव के सरपंच, नंबरदार किसानों के साथ मिलकर टिड्डियों को भगाया गया। उन्होंने बताया तहसीलदार और अन्य अधिकारियों से नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। कृषि विभाग के डिप्टी डारेक्टर महाबीर ने बताया कि जैसे ही पुन्हाना और फिरोजपुर झिरका में टिड्डियों के पहुंचने की सूचना मिली तो उनका विभाग पहले से ही तैयार था। उन्होंने बताया कि टिड्डियों का दल रात के करीब आठ बजे बैठ जाता है और सुबह करीब 8 बजे उड़ जाता है। यह पुन्हाना खंड के गांव बडेड, बादली और नीमखेडा में बैठा था। ग्रामीण और उनके विभाग के अधिकारी रात भर गांवों में रहे और फायर बिग्रेड से स्प्रे से भगाने का प्रयास किया तथा सुबह आठ बजे नूंह जिले से सभी को राजस्थान की ओर भगा दिया गया। उन्होंने बताया कि नूंह जिले में किसी भी गांव में टिड्डियों की वजह से कोई नुकसान नहीं हुआ है।