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माफ हो किसान-मध्य वर्ग का लोन : केजरीवाल

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पूर्व सीएम ने पीएम को पत्र लिखकर कानून लाने की अपील की
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
आप ने मध्य वर्ग और किसानों को साधने के लिए लोन माफी का मुद्दा उठाया है। साथ ही, दावा किया है कि ऐसा होने पर मध्य वर्ग को आयकर और वस्तु एवं सेवा कर में बड़ी राहत मिलेगी। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा ये मांग उठाई है। साथ ही, इसे लेकर एक कानून लाने की अपील की है।
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पत्र में केजरीवाल ने कहा है कि पूंजीपतियों के करोड़ों के लोन माफ करने की जगह देश के किसानों व मध्य वर्ग का लोन माफ किया जाना चाहिए। इससे मध्य वर्ग पर कर का बोझ कम होगा। यदि पूंजीपतियों का कर्ज माफ नहीं किया जाता है तो आयकर व जीएसटी की दरें आधी, टैक्स योग्य आय की लिमिट दोगुनी और खाने की चीजों पर जीएसटी माफ हो सकता हे। ऐसे में प्रधानमंत्री कानून लाएं कि अब किसी भी अरबपति के कर्जे माफ नहीं किए जाएंगे। पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पांच साल में केंद्र सरकार ने 400-500 अरबपतियों के 10 लाख करोड़ रुपये के कर्जे माफ कर दिए, जबकि देश का मध्य वर्ग महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है। दिल्ली सरकार ने महिलाओं की बस यात्रा फ्री की जिस पर सिर्फ 400 करोड़ रुपये खर्च हुए। अभी तक एक करोड़ महिलाएं इसका फायदा उठा चुकी हैं। मध्य वर्ग यदि साल में 12 लाख कमाता है तो जीएसटी, इनकम टैक्स, सर्विस टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स, एजुकेशन सेस, कैपिटल गेन टैक्स और रोड टैक्स देता है। इनमें उसकी आमदनी का करीब आधा हिस्सा टैक्स में चला जाता है, लेकिन बदले में उसे कुछ नहीं मिलता। वहीं, अमीरों के कर माफ करने से उसे दुख होता है। केजरीवाल के मुताबिक, मैंने अनुमान लगाया है कि यदि अरबपतियों को कर्ज माफ करना बंद कर दें तो देश में इनकम टैक्स की दरें आधी की जा सकती हैं। टैक्सेबल लिमिट डबल की जा सकती है। सभी चीजों के ऊपर जीएसटी आधा किया जा सकता है। आवश्यक वस्तुएं की जीएसटी माफ कर सकते हैं।
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