संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत विभाग से स्वीकृति के बावजूद ठेली-पटरी वालों को बैंक लोन नहीं दे रहे। लाभार्थियों ने इसे लेकर कई बार प्रशासनिक स्तर पर शिकायतें कीं, लेकिन उनका कहना है कि कोई सुनवाई नहीं हुई। लाभार्थियों के मुताबिक, वे जब भी बैंक से इस संबंध में पूछते हैं तो अधिकारी हर बार टालमटोल कर देते हैं। रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं ने डूडा विभाग के साथ ही जिलाधिकारी से गुहार लगाई है।
दरअसल, ठेली-पटरी के दुकानदारों को जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के जरिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत बिना गारंटी 10 हजार- 50 हजा तक का लोन मिल सकता है। जिले में इस बार शासन ने 45 हजार ठेली-पटरी वालों को योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है। लेकिन इन्हें लोन नहीं मिल पाता।
रेहड़ी पटरी विक्रेता दादरी निवासी संजीव ने बताया कि अपना रोजगार बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत आवेदन किया था। विभाग की स्वीकृति के बाद भी बैंक ऋण नहीं दे रहा है। वहीं ठेली लगाने वाले दादरी निवासी रसीद का कहना है कि विभाग से मंजूरी होने के बाद बैंक लोन नहीं दिया जाता। इसे लेकर बीते हफ्ते शिकायत भी की थी।
रेहड़ी पटरी विक्रेता दादरी निवासी संजीव ने बताया कि अपने रोजगार बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत आवेदन किया था। विभाग की स्वीकृति के बाद भी बैंक ऋण नहीं दे रहा है। वहीं ठेली लगाने वाले दादरी निवासी रसीद का कहना है कि विभाग से मंजूरी होने के बाद बैंक लोन नहीं दे रहे है। इसको पिछले सप्ताह उनके द्वारा शिकायत भी की गई थी।
- इस तरह की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। बैंक शाखा प्रबंधकों से बातचीत की गई है। समस्या का समाधान कराया जाएगा।
- वेद प्रकाश पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट और प्रभारी डूडा