-दिमधुमेह से पीड़ित वायुसेना अधिकारी को दिव्यांगता पेंशन दिए जाने के निर्देश दिए
गौरव बाजपेई
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त सार्जेंट भानु प्रताप यादव को डायबिटीज मेलिटस टाइप-2 से पीड़ित होने के आधार पर विकलांगता पेंशन देने का आदेश दिया है। अदालत ने केंद्र सरकार की याचिका को खारिज करते हुए सशस्त्र बल ट्रिब्यूनल (एएफटी) के 12 जुलाई 2023 के आदेश को बरकरार रखा, जिसमें यादव को 20 प्रतिशत विकलांगता (50 प्रतिशत तक राउंड ऑफ) के साथ पेंशन प्रदान करने का निर्देश दिया गया था।
न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने 15 अक्टूबर 2025 को सुनाए गए फैसले में कहा कि यादव ने वायुसेना में 24 वर्ष और 24 दिनों से अधिक सेवा की थी और उन्हें 2016 में डायबिटीज का पता चला। अदालत ने रिलीज मेडिकल बोर्ड (आरएमबी) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि यादव सेवा में प्रवेश के समय इस बीमारी से पीड़ित नहीं थे और बीमारी का कारण सैन्य सेवा से जुड़ा माना जाना चाहिए। फैसले में अदालत ने अपने पूर्व निर्णयों का जिक्र करने के साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के 23 अप्रैल 2025 के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि सैनिकों की विकलांगता पेंशन एक लाभकारी प्रावधान है, जिसकी उदार व्याख्या की जानी चाहिए। यदि सेवा में प्रवेश के समय कोई बीमारी नोट नहीं की गई है, तो बाद में हुई गिरावट को सैन्य सेवा से जुड़ा माना जाएगा।