फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: सुनो-सुनो, इन चेहरों को पहचान लो...करते हैं लूट

विज्ञापन
थाने में चस्पा किए गए पोस्टर। - फोटो : samvad
विज्ञापन
आगरा। पालीवाल पार्क के गेट पर शिक्षिका के गले पर झपट्टा मारकर चेन तोड़ ली गई। सदर के मधु नगर में भी महिला के गले से भी चेन छीनकर बदमाश भाग गए। पहले भी माॅर्निंग वाॅक पर निकले लोगों के साथ वारदात हो चुकी हैं। ऐसे लुटेरों पर अंकुश के लिए पुलिस ने अभियान छेड़ा है। 10 साल में चेन स्नेचिंग और लूट की वारदात करने वालों की फोटो और उनके अपराध की जानकारी हर थाने के गेट पर लगाई जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया पर भी प्रचार किया जा रहा है।
विज्ञापन


डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि 10 साल के अंदर लूट और चेन स्नेचिंग में शामिल रहे अपराधियों को चिह्नित किया जा रहा है। सिटी जोन में 450 अपराधी चिह्नित किए गए हैं। इनमें 100 हाथरस, अलीगढ़, फिरोजाबाद, इटावा सहित आसपास के जिलों के हैं। इन सभी का सत्यापन कराया गया है। इनमें 80 फीसदी से अधिक अपने घरों में ही मिले हैं।

सभी अपने कोई न कोई काम में लगे हुए थे। 20 फीसदी तक घरों में नहीं मिले। इस पर परिजन से जानकारी ली गई। उनके बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है। सत्यापन के बाद आरोपियों का डाटा थानों में रखा जा रहा है। अपने-अपने थाना क्षेत्रों के आरोपियों के फोटो नाम के साथ लगाए जा रहे हैं। इनका प्रचार सोशल मीडिया पर भी किया जा रहा है। इसका मकसद लोगों को जागरूक करना है। किसी के साथ वारदात होने पर फोटो दिखाकर पहचान करने में भी आसानी होगी।
विज्ञापन



बाहरी ने जिले को बनाया टारगेट
पूर्वी जोन में 125 चेन और मोबाइल छीनने वाले बदमाशों को चिह्नित किया गया है। इनमें अधिकतर मध्य प्रदेश और राजस्थान के हैं। वह सीमा पार करके आते हैं। वारदात कर वापस चले जाते हैं। इस कारण उनकी धरपकड़ भी आसानी से नहीं हो पाती है। सीसीटीवी कैमरों से पहचान भी लिए जाए उनका आपराधिक इतिहास नहीं मिल पाता है।


सीसीटीवी, सर्विलांस हो रहा फेल
आगरा कमिश्नरेट में स्मार्ट सिटी के तहत 1500 से अधिक कैमरे 40 से अधिक चाैराहों पर लगाए गए हैं। इनमें फेस और नंबर प्लेट रीडर कैमरे भी शामिल हैं। इसके बावजूद बाहरी जिलों से आने वाले अपराधी आसानी से वारदात कर निकल जाते हैं। पुलिस जब तक हरकत में आती है, तब तक बदमाश दूर चले जाते हैं। कई बार बदमाश पकड़े भी जाएं तो उनसे बरामदगी आसान नहीं होती है।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें