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Noida News: सीएससी, अटल सेवा केंद्र पर नहीं लगीं शुल्क की सूची

Mon, 13 Oct 2025 12:53 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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यमुनानगर में खुला सीएससी सेंटर। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। सरकार की अंत्योदय उत्थान की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए शहर से लेकर गांवों तक में सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) व अटल सेवा केंद्र खोले गए हैं। किसी भी केंद्र पर शुल्क की सूची नहीं लगी है। जिससे लोगों को यह पता चल सके कि किस योजना के आवेदन या सुविधा के लिए उनसे कितना पैसा लिया जाना है।
सरकार ने जिस सेवा के 10 से 30 रुपये निर्धारित कर रखे हैं उसके लिए भी 100 से 150 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इनकी अवैध वसूली से जनता त्रस्त हो चुकी है। यह मामला खुद भाजपा के जिलाध्यक्ष राजेश सपरा भी गत सप्ताह जिला सचिवालय में हुई दिशा की बैठक में उठा चुके हैं। सपरा ने बताया था कि लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर 100 से 150 रुपये लोगों से लिए जा रहे हैं, जबकि इसका पंजीकरण मुफ्त है।
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रेट लिस्ट लगी है या नहीं इसकी पड़ताल करने के लिए हमारी टीम कई सीएससी पर पहुंची। एक पर भी रेट लिस्ट नहीं मिली। यदि किसी को अपना रिहायशी या जाति प्रमाणपत्र बनवाना है तो उसके भी कम से कम 100 रुपये लिए सीएससी पर लिए जा रहे हैं। आय और रिहायशी प्रमाण पत्र बनवाने का रेट अधिकतम 30 रुपये निर्धारित है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने का रेट भी सरकार ने 10 रुपये तय कर रखा है। जिला में 920 सीएससी संचालित हैं।
एडवोकेट वरयाम सिंह का कहना है कि सीएससी के बाहर व अंदर किन-किन सुविधाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं, यह तो बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है। मगर रेट लिस्ट कहीं भी नहीं लगाई गई है। रेट पता नहीं होने से लोगों को भी जेब ढीली करनी पड़ रही है। यदि सीएससी पर लोगों को सुविधाएं इतनी ही पारदर्शिता व बिना हेराफेरी के दी जा रही हैं तो रेट लिस्ट लगाने में क्या हर्ज है।
सभी के लिए रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य कर रखा है। फिर भी कहीं रेट लिस्ट नहीं है। जिन अधिकारियों की जांच करने की जिम्मेदारी है, वह निरीक्षण करने से पहले ही फोन करके सीएससी संचालकों को अलर्ट कर देते हैं। निरीक्षण की वीडियो बनाते हैं, जिसमें सबकुछ सही दिखाया जाता है। ऐसा करके कागजी कार्रवाई को साफ सुथरा दिखाया जाता है।
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तीन दिन पहले ही कई सीएससी का निरीक्षण किया था, सभी पर रेट लिस्ट लगी थी। सरकार की ओर से निर्धारित सुविधाओं के अलावा जो अन्य योजनाएं हैं, उनकी रेट लिस्ट लगाने को भी सीएससी संचालकों को कहा गया है। कोई भी निर्धारितसे ज्यादा राशि नहीं ले सकता। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। - विनय गुलाटी, डीआईओ, यमुनानगर।
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