ग्रेटर नोएडा। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले की 164 दिन में सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया है। न्यायाधीश अनिल कुमार ने एक आरोपी प्रदीप उर्फ लेफ्टी निवासी अलीगढ़ को दोष साबित होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन अधिकारी नीटू बिश्नोई ने बताया कि छह अक्तूबर 2020 को दादरी में एक किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार किया था। इस मामले में दूसरा आरोपी नाबालिग है। मामले की सुनवाई अपर सत्र एवं विशेष पोक्सो अदालत में हुई। पुलिस ने तेजी से जांच करते हुए महज पांच दिन में ही चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान कुल आठ गवाह पेश हुए। गवाह एवं साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने प्रदीप को दोषी माना और उसे आजीवन कारावास व 51 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। नाबालिग आरोपी की उम्र 16 वर्ष से अधिक होने पर उसके खिलाफ भी विशेष पोक्सो अदालत में ही मुकदमा चल रहा है। कमिश्नरेट पुलिस का दावा है कि गहन पैरवी कर जिले में दुष्कर्म की घटनाओं को अंजाम देने वाले 63 आरोपितों को अब तक सजा दिलवाई जा चुकी है।