मैरियन बायोटेक दवा कंपनी का लाइसेंस निरस्त
- उज्जबेकिस्तान में 18 बच्चों की मौत के बाद औषधि विभाग ने लिए थे 32 सैंपल
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। उज्जबेकिस्तान में कथित रूप से 18 बच्चों की मौत के मामले में नोएडा की दवा कंपनी मैरियन बायोटेक के सैंपल फेल पाए जाने पर कंपनी का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। स्टेट लाइसेंस अथॉरिटी ने ई-मेल के माध्यम से कंपनी को इसकी जानकारी भेज दी है।
जिला औषधि विभाग ने दवा कंपनी की ओर से आपूर्ति के लिए तैयार किए जा रहे कफ सीरप और दवाओं के 36 सैंपल जांच के लिए चंडीगढ़ भेजे थे। यह सैंपल अलग-अलग समय अंतराल में लिए गए थे। 21 सैंपल उसी प्रोडक्ट के थे, जो उज्बेकिस्तान और अन्य देशों में भेजे गए हैं, हालांकि बैच नंबर अलग थे। इसके अलावा कैप्सूल, क्रीम और अन्य दवाइयों के सैंपल लिए गए थे। इसके विभाग ने कंपनी के दस्तावेज की भी जांच की गई थी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन, मेरठ मंडल के खाद्य एवं औषधि निरीक्षण के संयुक्त निदेशक के साथ सैंपल लिए गए। जांच के दौरान 22 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके बाद जिला औषधि विभाग की दवा कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। साथ ही, विभाग ने फेल हुए सैंपल और एफआईआर का ड्राफ्ट बनाकर कंपनी का लाइसेंस रद्द करने के लिए स्टेट लाइसेंस अथॉरिटी को भेजा था। उस पर कार्रवाई करते हुए कंपनी का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। जिला औषधि निरीक्षण वैभव बब्बर ने बताया कि जनवरी में सेक्टर-67 की मैरियन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के 36 सैंपल जांच भेजे गए थे। इसमें से 22 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके आधार पर कंपनी का लाइसेंस निरस्त करने के लिए स्टेट लाइसेंस अथॉरिटी को भेजा गया था।