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अस्पताल छोड़ घर पर ही कोरोना की जांच को तवज्जो

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नोएडा। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों की भीड़ से बचने के लिए लोग घर पर ही सेल्फ टेस्टिंग किट का प्रयोग कर कोरोना की जांच को तवज्जो दे रहे हैं। बीते दस से पंद्रह दिन में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। जनपद में रोजाना 10 हजार से ज्यादा किट की बिक्री का अनुमान है। वहीं, ड्रग विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालकों को इस तरह की किट खरीदने वालों की जानकारी रखने के निर्देश दिए हैं। जिससे संक्रमण की सही स्थिति का पता लगाया जा सके। सरकारी अस्पतालों में कोरोना की निशुल्क जांच हो रही है, लेकिन इन अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर भीड़ बेहद ज्यादा रहती है। निजी लैब जांच के 700 से 1200 रुपये तक ले रही हैं। ऐसे में मेडिकल स्टोर पर आसानी से उपलब्ध 250 से 315 रुपये तक की सेल्फ टेस्टिंग किट की तरफ लोगों का रुझान ज्यादा बढ़ रहा है।
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ठंड में अक्सर सर्दी-खांसी जैसी समस्या से लोग पीड़ित होते हैं, लेकिन इस बार कोरोना के कहर से डरे लोग अस्पतालों का रुख करने से बच रहे हैं। केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनूप खन्ना ने बताया कि लोग हल्के लक्षण होने के कारण इस किट का इस्तेमाल अपने और पूरे परिवार के के लिए कर रहे हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि कई दिनों से कोरोना के मामले जिस तरीके से बढ़ रहे हैं, ऐसे में लैब में टेस्टिंग के लिए 24 से 48 घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। जनपद में करीब 2500 मेडिकल स्टोर हैं। एक दिन में औसतन चार किट की बिक्री मानी जाए तो रोजाना यह आंकड़ा 10 हजार पहुंचता है।
सेक्टर-29 के एक मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया कि माईलैब्स की कोवीसेल्फ और एबॉट की पेनबायो नामक किट के अलावा एक अन्य कंपनी की किट बाजार में है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में इस तरह की किट को कोई पूछने वाला नहीं था, लेकिन दस दिन में दिनभर में पांच से दस किट की बिक्री हो रही है। इस किट के परिणाम 15 मिनट में सामने आते हैं। जांच में परिणाम पॉजिटिव आने पर किस तरह इसकी जानकारी सरकारी तंत्र तक पहुंचाई जाए, इसके दिशा-निर्देश किट पर लिखे होते हैं। जिसका लोगों को पालन करना चाहिए।
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दवाओं की बिक्री भी बढ़ी
कोरोना संक्रमित 99 फीसदी मरीजों का उपचार होम आइसोलेशन में चल रहा है। वहीं, कोरोना के लक्षण वाले मरीज डॉक्टर की सलाह पर दवाओं का सेवन भी कर रहे हैं। ऐसे में डोलो, एजिथ्रोमाइसिन, लिम्सी, जिंकोबिट आदि दवाओं के अलावा खांसी के सिरप की बिक्री में भी 50 से 70 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। औषधि नियंत्रक वैभव बब्बर ने बताया कि दवाओं का सेवन करने में सावधानी बरती जानी चाहिए। सेल्फ टेस्टिंग किट बेचने वाले दुकानदारों को ग्राहकों का पूरा ब्योरा लेना चाहिए, ताकि संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा सकें। हालात पूरी तरह नियंत्रित हैं, लोग बेवजह दवाएं खरीदकर घरों में न रखें।
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