फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में आज हड़ताल पर रहेंगे अधिवक्ता

विज्ञापन
विज्ञापन
अधिवक्ताओं का दावा-रजिस्ट्री से जुड़े कामकाज के लिए हमारे पास ग्राहक नहीं आएंगे
विज्ञापन



माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। प्रदेशभर में पिछले दिनों ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू करने के सरकार के निर्णय के विरोध में अधिवक्ता हड़ताल पर उतर आए हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन प्रक्रिया से अधिवक्ताओं से जुड़े काम पूरी तरह प्रभावित होंगे। ऐसे में आज से अधिवक्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। रोजाना के रजिस्ट्री व निबंधन से जुड़े कामकाज ठप रहेंगे।

बता दें कि सेक्टर-33ए स्थित उप निबंधन कार्यालय में रोजाना चार से पांच हजार लोग रजिस्ट्री, हलफनामा, किरायेनामा समेत तमाम काम के लिए रजिस्ट्री विभाग आते हैं। जहां सैकड़ों अधिवक्ता उनके काम के लिए हमेशा आगे रहते हैं, लेकिन असल में प्रदेश सरकार की ओर से जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े कामकाज को ऑनलाइन व्यवस्था में तब्दील करने के निर्णय से अधिवक्ताओं में नाराजगी बनी हुई है। हालांकि अभी सिर्फ निर्देश दिए गए हैं कि ई-पंजीकरण व्यवस्था अभी प्रारंभिक स्थिति में है। इसकी व्यवस्था व काम करने के तौर तरीके निर्धारित होना बाकी हैं लेकिन अधिवक्ताओं का कहना है कि इस व्यवस्था के लागू होते ही उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं होगी और रजिस्ट्री से जुड़े कामकाज के लिए उनके पास ग्राहक नहीं आएंगे। इसका सीधा असर उनकी रोजी रोटी पर पड़ेगा, जबकि अभी तक रजिस्ट्री से जुडे़ कामकाज के लिए ग्राहक अपने सरकारी दस्तावेज तैयार करने के लिए अधिवक्ताओं का सहारा लेते हैंं, वही उन्हें हार्ड कॉपी तैयार करके आगे बढ़ाते हैं। इसके बाद ग्राहक उन्हें निबंधन कार्यालय में पेश करता है, जिसके बाद पंजीकरण होता है।
विज्ञापन



क्या बोले अधिकारी
निबंधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी शासन स्तर से ई-पंजीकरण प्रक्रिया का निर्णय हुआ है, लेकिन असल में अभी यह प्रारंभिक स्थिति में है। अभी इसकी व्यवस्था बननी बाकी है, जिसमें लोगों के कामकाज तय किए जाएंगे। इसके बाद ही आगे के निर्देशानुसार काम होगा। अभी ऐसी कोई व्यवस्था लागू नहीं है।

रोज होती हैं 300 रजिस्ट्रियां
बता दें कि रोजाना 250 से 300 रजिस्ट्रियां उप निबंधन कार्यालय में होती हैं। इसके अलावा कानूनी दस्तावेज तैयार करवाने करीब पांच हजार लोगों का रोज का आवागमन होता है। रोज 500 से ज्यादा स्टांप अकेले 10-500 रुपये तक के उपयोग में लाए जाते हैं।
विज्ञापन


अधिकारियों का दावा-अधिवक्ता ही करेंगे काम
अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था अभी शुरुआती स्तर पर है। यदि कोई ग्राहक अधिवक्ताओं के पास आते हैं तो अधिवक्ता ही उनके दस्तावेज तैयार करेंगे। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन माध्यमों से अपलोड किया जाएगा। उनकी जांच के उपरांत ही उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा, जो प्राधिकरण करेगा। इसके बाद रजिस्ट्री विभाग में उनका पंजीकरण होगा। इस बीच अधिवक्ताओं की भूमिका बनी रहेगी।

हम आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। ई-पंजीकरण व्यवस्था अधिवक्ताओं के कामकाज को प्रभावित करेगी।
-प्रवीन डेढ़ा, अध्यक्ष, नोएडा बार एसोसिएशन

अभी व्यवस्था शुरुआती स्तर पर है, यह लागू नहीं हुई है। हमारी अधिवक्ताओं से अपील है कि वह हड़ताल करके काम पर लौटें।
-अरुण कुमार शर्मा, एआईजी प्रथम, गौतमबुद्ध नगर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें