माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिये करोड़ों रुपये की जमीन बेचने के मामले में कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच शुरू की है। दिल्ली स्थित डीपीएल फर्म्स एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर कमल दत्ता का आरोप है कि दिल्ली के राजीव मुखर्जी, नंगला नंगली के सुखपाल, दिल्ली की शुभ्रा बैनर्जी व उनके पति रिवू बैनर्जी, दिल्ली के राजदीप और ग्रेटर नोएडा गामा-1 के संजय ने षड़यत्र रचते हुए उनकी कंपनी की गांव नंगली नंगला स्थित भूमि को हड़प लिया। भूमि का फर्जी मालिक बनते हुए सुखपाल ने 12 मई 2023 को उप निबंधक कार्यालय में राजीव मुखर्जी के पक्ष में मुख्तारनामा पंजीकृत कराया। षड़यंत्र के तहत राजीव मुखर्जी ने 1 अक्तूबर 2024 को इस भूमि का बैनामा शुभ्रा बैनर्जी और रिवू बैनर्जी के पक्ष में पंजीकृत कराया। इस प्रक्रिया में राजदीप और संजय को गवाह बनाया गया। यह बैनामा उप निबंधक सदर ग्रेटर नोएडा के कार्यालय में हुआ। जबकि भूमि से संबंधित वाद पर कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।
स्टे के बावजूद करा दिया बैनामा
कमल दत्ता ने कोतवाली में एक अन्य मामले में केस दर्ज कराया है कि गांव नंगली नंगला में जमीन को धोखाधड़ी से फर्जी तरीके से बेचा गया। जबकि कंपनी पहले इस भूमि पर स्टे आदेश प्राप्त कर चुकी थी। बावजूद नंगली नंगला निवासी सुनील कुमार, ठाणे मुंबई निवासी कृष्ण कुमार द्विवेदी, बुलंदशहर निवासी दीपक शर्मा और सूरजपुर गांव निवासी श्याम ने षड़यंत्रपूर्वक गांव नंगली नंगला भूमि का फर्जी बैनामा 15 अक्तूबर 2024 को पंजीकृत करा लिया। राजवीर सिंह द्वारा कृष्ण कुमार द्विवेदी के पक्ष में यह बैनामा दर्ज कराया गया। जिसमें दीपक शर्मा व श्याम को गवाह के तौर पर प्रस्तुत किया गया। आरोपियों को भूमि पर स्टे आदेश की जानकारी थी। बावजूद उन्होंने मिलकर यह धोखाधड़ी की। मामले की शिकायत पुलिस से की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट की मदद ली है।