दादरी। दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर पल्ला गांव के नजदीक रेलवे ट्रैक के नीचे की जमीन धंस गई। दिल्ली मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (डीएमआईसी) का काम कर रहे इंजीनियर ने इसे देख लिया। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना रेलवे को दी। इमरजेंसी ब्रेक लगाकर डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेसवे को बोड़ाकी में रोक दिया गया। छह अन्य ट्रेनें भी अलग-अलग जगहों पर रोक दी गईं। करीब पौने घंटे तक ट्रेनें रुकी रहीं। समय पर सूचना मिलने से बड़ा हादसा टल गया। रेलवे लाइन को दुरुस्त करने के बाद ट्रेनों की आवाजाही शुरू हुई।
रेल अधिकारियों के मुताबिक गांव पल्ला के नजदीक रेलवे लाइन के नीचे से पानी की लाइन जा रही है। रेलवे लाइन के नीचे से ही पल्ला-बोड़ाकी नहर भी गुजर रही है। वहीं डीएमआईसी का निर्माण कार्य चल रहा है। रविवार सुबह 9:15 बजे निर्माणाधीन कंपनी का इंजीनियर रेलवे लाइन के किनारे टहल रहा था। उसे रेलवे लाइन की जमीन धंसी दिखी। वहां रखे पत्थर भी नीचे खिसक गए थे। उसने इसकी सूचना दादरी रेलवे स्टेशन मास्टर नितेश कुमार को दी। स्टेशन मास्टर ने रेलवे कंट्रोल रूम को सूचित कर दिल्ली जा रही ट्रेनों को तत्काल रोकने को कहा गया। डिब्रूगढ़ राजधानी उस समय अजायबपुर रेलवे स्टेशन को पार कर चुकी थी। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर बोड़ाकी फाटक के पास ट्रेन रोक दी गई। बाकी ट्रेनों को भी उनकी जगह पर रोक दिया गया।
रेलवे स्टेशन अधीक्षक मुनीराज मीणा और यातायात निरीक्षक घनश्याम मीणा समेत रेलवे के कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए। करीब 40 मिनट तक काम चला। उसके बाद ट्रेनों की आवाजाही शुरू कर दी गई। राजधानी ट्रेन को करीब 9.21 बजे रोका गया था और 10.05 बजे दिल्ली की तरफ फिर से रवाना किया गया।
समय से पहुंच सके, इसलिए राजधानी का लिया था टिकट
राजधानी ट्रेन में सवार यात्री दीपक कुमार का कहना है कि वह बिहार से दिल्ली से जा रहे थे। उन्हें ट्रेन को दिल्ली दस बजे पहुंचने का समय था। एक अन्य यात्री ने बताया कि वह बिजनेस की मीटिंग के सिलसिले में दिल्ली आया था। 11 बजे से जरूरी मीटिंग थी। ट्रेन लेट होने से नहीं पहुंच सकेंगे। उन्होंने बताया कि जब इमरजेंसी ब्रेक लगाया गया तो समझ गया कि कुछ बड़ी बात हुई होगी।
ये ट्रेनें रुकीं
- 02423 डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस
- 02313 सियालदाह राजधानी एक्सप्रेस
- 02313 हटिया एक्सप्रेस
- 02241 रांची मेल
- 02871 मगध एक्सप्रेस
- 82501 तेजस एक्सप्रेस
- कुछ अन्य मालगाड़ी ट्रेनें
कोट
रेलवे ट्रैक के नीचे से ग्रेटर नोएडा के लिए गंगा वाटर की लाइन जा रही है। पानी का रिसाव होने पर पाइपलाइन के पास से पानी रेलवे लाइन के नीचे तक पहुंच गया। इस वजह से रेलवे लाइन की मिट्टी नीचे धंस गई। कंकरीट पटरी से नीचे चली गई । उसको ठीक कराकर लाइन को चालू कर दिया गया है।
- मुनीराज मीणा, दादरी रेलवे स्टेशन अधीक्षक
बस 2 किमी दूर थी राजधानी एक्सप्रेस
पल्ला गांव के पास जिस जगह मिट्टी धंसी, वहां से राजधानी एक्सप्रेसवे मात्र दो किमी दूर थी। इसी रास्ते से मात्र 10 मिनट पहले ही हाथरस पैसेंजर और एक अन्य एक्सप्रेस ट्रेन निकली थी। राजधानी ट्रेन उस समय अजायबपुर रेलवे स्टेशन के नजदीक पहुंच चुकी थी। इमरजेंसी ब्रेक लगाने के बावजूद ट्रेन बोडाकी स्टेशन के पास फाटक तक पहुंच गई। अगर सूचना मिलने में पांच मिनट और देरी हो जाती तो पल्ला तक राजधानी को रोकना मुश्किल हो जाता। इससे बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि उसी रेलवे लाइन से तीन एक्सप्रेस और छह मालगाड़ियां निकलीं थीं।
रेलवे फाटक पर भी लगी वाहनों की कतार
बोड़ाकी रेलवे फाटक के बीच राजधानी करीब पौने घंटे तक रुकी रही। इससे ग्रेटर नोएडा की तरफ आने जाने वाले वाहनों की कतार लग गई। वहां परेशान वाहन चालकों ने फाटक लगाने वाले रेलवे कर्मचारी से ट्रेन के आगे जाने के बारे में पूछताछ करते रहे। कुछ वाहन चालक रामगढ़ व पल्ला फाटक से निकलकर अपने गतंव्य तक गए।