ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट के लिए एक और रनवे व मेंटेनेंस, रिपेयर ओवरहालिंग (एमआरओ) के लिए जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव नियाल ने जिला प्रशासन को भेज दिया है। राजस्व विभाग की टीम अगले हफ्ते इन जमीनों का खसरा नंबर सत्यापित कर रिपोर्ट दे देगी। इसके बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।
प्रदेश सरकार ने हाल ही में नोएडा एयरपोर्ट के पांच रनवे को मंजूरी दी है। दो रनवे को बनाने का जिम्मा ज्यूरिख कंपनी को पहले ही दिया जा चुका है। अब तीसरा रनवे और एमआरओ सेंटर बनाने की तैयारी है। इसके लिए 1365 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। जो जमीन अधिगृहीत की जानी है, वह क्षेत्र यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आता है। इससे खसरा नंबर की जमीन का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेज दिया गया है। राजस्व विभाग की टीम इन खसरों का सत्यापन कर रिपोर्ट देगी। इसके बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। इस 1365 हेक्टेयर जमीन पर तीसरा रनवे और एमआरओ सेंटर बनेगा। फिलहाल, देश के विमानों का मेंटेनेंस, रिपेयर ओवरहालिंग दूसरे देशों में होता है। नोएडा एयरपोर्ट पर एमआरओ सेंटर भी बनने से विमान यहीं दुरुस्त हो सकेंगे।
सरकारी जमीन का नहीं करना होगा पुनर्ग्रहण
इस 1365 हेक्टेयर जमीन में से कुछ जमीन सरकारी भी है। प्रदेश सरकार ने अब ऐसा नियम बना दिया है कि उस जमीन को पुनर्ग्रहण नहीं करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि वह जमीन खुद एयरपोर्ट के नाम पर चढ़ जाएगी। पुनर्ग्रहण करने में काफी समय लगता है। अब इससे राहत मिलेगी। साथ ही, अधिग्रहण में भी समय बचेगा।
इन गांवों की जमीन अधिगृहीत की जाएगी
गांव का नाम जमीन हेक्टेयर में
करौली बांगर 183
कुरैब 345
बीरमपुर 96
दयानतपुर 165
रन्हेरा 519
नंगलाशाहपुर 115
मुंढेरा 43
नोएडा एयरपोर्ट के लिए 1365 हेक्टेयर जमीन का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेज दिया गया है। राजस्व विभाग की टीम अब इसे सत्यापित करके रिपोर्ट भेजेगी। उसके बाद जमीन का अधिग्रहण शुरू होगा।
- डॉ अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण