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तेजी से फैल रहा है लंपी रोग

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हथीन। जिले के मवेशियों में लंपी रोग तेजी से फैल रहा है। पूरे जिले में करीब 2000 से ज्यादा पशुओं में ये रोग फैल चुका है। वहीं ग्रामीणों का दावा माने तो 7 गायों की मौत हो चुकी है। हालांकि विभाग करीब 1400 मवेशियों में रोग होने की पुष्टि कर रहा है। वहीं 2 गायों की मौत की बात मान रहा है। विभाग का दावा है कि वह 5000 पशुओं का टीकाकरण कर चुका है। साथ ही बाहर से मवेशी लाने ले-जाने पर पूरी तरह से रोक है। अभियान को लेकर गोवंशपालकों को जागरूक भी किया जा रहा है।
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ग्रामीणों के अनुसार होडल में 700, पलवल में 500 और हथीन में 300 व अन्य जगह कई मवेशी इसकी चपेट में आ चुके हैं। लंपी रोग की चपेट में आए मवेशियों का आंकड़ा 2000 के पार है। कई गांव तो ऐसे हैं, जहां विभाग पहुंचा तक नहीं है। नांगल जाट में तो सात गायों की मौत भी लंपी रोग से हो चुकी है। हालांकि विभाग अभी इस दावे को नकार रहा है। उसका मानना है कि 1400 के आसपास मवेशियों में ये रोग फैला है। नांगल जाट में दो पशुओं की मौत हुई है।
बड़ी संख्या में पशु आ रहे चपेट में
नांगल जाट निवासी महाशय राजाराम ने बताया कि उनके गांव में अधिकांश गाय लंपी रोग से ग्रस्त हैं। गांव के बिशंबर, गोविंदा, बंटू, किन्ना, चन्द्र सिंह, धर्मपाल एवं भगत का भी यही दावा है। पशुपालन विभाग द्वारा जो लक्षण बताए जा रहे हैं, वे लंपी रोग के हैं। वहीं, गांव पहाड़ी निवासी लवकुश एवं नरेंद्र रावत, मोहन, उम्मेद, जबरी, भरतलाल, संसार, अनिल, मनोज एवं गोविंद सिंह का कहना है कि उनकी गाय लंपी रोग से ग्रस्त हैं। जिले के अन्य गांवों बहीन, गहलब, मानपुर, औरंगाबाद आदि गांवों में भी यह रोग गायों में फैला हुआ है।
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हथीन में 300 गायों में यह रोग पाया गया है। दो की मौत हो चुकी है। इस रोग को गंभीरता से लिया जा रहा है। पांच हजार गायों को वैक्सीन लगाई जा चुकी हैं। स्थिति नियंत्रण में है।
- लालचंद, उपमंडल अधिकारी, पशु पालन विभाग हथीन
दूसरे जिलों व राज्यों से पशु लाने पर प्रतिबंध
पलवल। जिलाधीश कृष्ण कुमार ने लंपी संक्रमण की रोकथाम को लेकर जिला में दंड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 प्रदत शक्तियों के अंतर्गत तुरंत प्रभाव से पूरे जिले में पशु मेला लगाने, दूसरे जिलों व राज्यों से पशुओं को लाने व ले जाने पर प्रतिबंध लगाया है। इस महामारी के दौरान मृत पशुओं के खुले में निस्तारण पर वह खाल उतारने पर भी रोक रहेगी। पुलिस थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं जिले की सीमा पर पशुओं के आवागमन को तुरंत प्रभाव से रोका जाए। संवाद
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