भिवानी। लाडो लक्ष्मी योजना में दस्तावेजों की औपचारिकताओं के कारण महिलाएं आवेदन कराने में उलझ गई हैं। कई महिलाओं को आधार कार्ड, रिहायशी प्रमाणपत्र और बिजली बिल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि निशुल्क आवेदन के बावजूद कई कॉमन सर्विस सेंटर संचालक महिलाओं से 100 से 150 रुपये वसूल रहे हैं। महिलाएं सरकारी कार्यालयों और कॉमन सर्विस सेंटर के चक्कर काटने में ही व्यस्त हैं।
जिले में लाडो लक्ष्मी योजना के तहत परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आमदनी के अनुसार 31 हजार से अधिक महिलाएं पात्र हैं। योजना के लॉन्च होने के बाद अब तक करीब दो हजार महिलाएं ही अपना पंजीकरण करा पाई हैं जबकि 29 हजार से अधिक महिलाएं दस्तावेजों की औपचारिकताओं में फंसकर रह गई हैं। मोबाइल एप के जरिये भी उनका पंजीकरण नहीं हो पा रहा। कई महिलाएं टेलीफोन बिल, बिजली बिल और अपने सास-ससुर या माता-पिता के आधार कार्ड की औपचारिकताओं में फंसी हैं। कई महिलाएं एनड्रॉयड फोन तक इस्तेमाल नहीं करतीं, कुछ अनपढ़ हैं, जिसके कारण आवेदन करने में उन्हें अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सास-ससुर से अनबन में दूर हो रही घर की लक्ष्मी
लाडो लक्ष्मी योजना में बड़ी उलझन यह है कि कई महिलाएं अपने पति और सास-ससुर से अनबन के कारण अलग-थलग जीवन जी रही हैं। ऐसे मामलों में परिवार के अन्य सदस्यों से आधार कार्ड तक नहीं मिल पा रहा जिससे आवेदन बाधित हो रहा है। कुछ महिलाएं किराये के मकान में रहती हैं जहां मकान मालिक भी बिजली बिल देने को तैयार नहीं। सालाना आमदनी के हिसाब से योजना की पात्र होने के बावजूद ये महिलाएं अपात्र श्रेणी में खड़ी हैं।
सीएससी संचालक मचा रहे सरकारी योजना में लूट
कॉमन सर्विस सेंटर संचालक सरकारी योजनाओं में भी आम लोगों से वसूली कर रहे हैं। जिनका आवेदन निशुल्क है, उनके लिए भी 100-150 रुपये वसूले जा रहे हैं। कई संचालक पैसे नहीं देने पर आवेदन करने से मना कर देते हैं। अधिकारियों की कार्रवाई न होने से उनका मनोबल बढ़ रहा है। प्रशासन यदि पंजीकरण रद्द कर वसूली पर धोखाधड़ी के तहत कार्रवाई करे तो आम जनता से लूट बंद हो सकती है।
पहले बना था बीपीएल कार्ड, अब बढ़ाई गई आमदनी, आवेदन नहीं कर पा रही
पहले मेरे परिवार पहचान पत्र में सालाना आमदनी एक लाख से कम थी लेकिन अचानक ढाई लाख दर्शाए जाने की वजह से बीपीएल राशन कार्ड कट गया। अब लाडो लक्ष्मी योजना का आवेदन भी नहीं कर पा रही हूं। मेरा पति मेहनत मजदूरी करता है, मैं गृहिणी हूं। बच्चे छोटे हैं। सरकारी कार्यालय में समाधान के लिए चक्कर लगा रही हूं। -सुमन, बैंक कॉलोनी निवासी
किराये के मकान में रहते रिहायशी प्रमाणपत्र नहीं बन रहा
मैं किराये के मकान में रहती हूं। लाडो लक्ष्मी योजना के आवेदन के लिए आठ से दस दस्तावेज लाने को कहा गया। इन्हें पूरा करने में महीनों लग जाएंगे। टेलीफोन बिल और बिजली बिल उपलब्ध नहीं हैं। मेरी सालाना आमदनी 75 हजार है लेकिन अब आवेदन के लिए भटक रही हूं। - निशा, बैंक कॉलोनी निवासी
परिवार पहचान पत्र में सास-ससुर अलग, आधार कार्ड नहीं दे रहे
मेरा और मेरे सास-ससुर का परिवार पहचान पत्र अलग है। वे आवेदन के लिए आधार कार्ड देने से मना कर रहे हैं। पिछले तीन दिनों से सरकारी कार्यालयों में दौड़-धूप कर रही हूं। परिवार पहचान पत्र में सालाना आमदनी एक लाख से कम है। - कमलेश, निवासी गांव सैय
जिले में लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 30 हजार से अधिक महिलाओं को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। लाडो लक्ष्मी योजना का आवेदन निशुल्क है। यदि कोई कॉमन सर्विस सेंटर संचालक आवेदन कराने के नाम पर शुल्क वसूलता है तो इसकी शिकायत टोल फ्री नंबर पर की जा सकती है। तत्परता से कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं को आवेदन करने में किसी परेशानी का सामना करना पड़े तो वे मानव सूचना एवं संसाधन विभाग में जाकर भी आवेदन कर सकती हैं। - बाबूलाल कारवा, अतिरिक्त उपायुक्त, भिवानी