नोएडा। वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए अच्छा खासा पैकेज दिया है। जिले के खाते में वायरस की जांच के लिए प्रयोगशाला की सौगात मिली है। साथ ही जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र और क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना भी की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। लिखित आदेश आते ही प्रयोगशाला के लिए जमीन चिह्नित का काम शुरू कर दिया जाएगा।
वित्त मंत्री ने देश के प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य प्रयोगशाला बनाने की घोषणा की है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अफसर योजना को जमीन पर उतारने को लेकर सक्रिय हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में वायरस की जांच के लिए लैब नहीं है। इस कमी को दूर करने और भविष्य में किसी महामारी से निपटने के लिए यह सरकार की दूरगामी रणनीति है। बजट में घोषणा होने के कारण केंद्र सरकार राज्य को निर्देशित करेगी। राज्य सरकार कार्रवाई के लिए विभाग को आदेश जारी कर देगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दादरी और जेवर आदि क्षेत्रों में प्रयोगशाला की स्थापना के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध हैं। जिले में अब नई प्रयोगशाला बनना तय है। इसमें वायरस और अन्य बीमारियाें की जांच की जा सकेगी। इसके अलावा आपदा से निपटने के लिए क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण भी किया जाएगा। गांवों में स्वास्थ्य सेवा दुरुस्त करने के ग्रामीण हेल्थ सेंटर बनाए जाएंगे।
स्वास्थ्य महकमे में चिकित्सक और स्टाफ का टोटा
कोरोना काल में जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल चुकी है। यहां सबसे बड़ी दिक्कत चिकित्सक व स्टाफ की कमी है। जब कोरोना ने दस्तक दी तो इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को अपने 15 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों को बंदकर कोविड कार्यक्रम में लगाना पड़ा। विभाग के अफसर ने बताया कि रिक्त पदों का ब्योरा देखा जा रहा है। नए विकास कार्यों के मद्देनजर अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत पड़ेगी। इस संबंध में शासन से जल्द ही पत्राचार किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में जिला काफी बेहतर
स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो प्रदेश में गौतमबुद्ध नगर काफी आगे है। यहां विभिन्न वायरस की जांच के लिए कैंसर अनुसंधान संस्थान, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल पहले से हैं। इसके अलावा चाइल्ड पीजीआई, राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भी शोध होते हैं। वहीं, फोर्टिस, कैलाश, अपोलो, यथार्थ, मैक्स जैसे नामचीन अस्पताल भी जिले में हैं।
बजट से स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी। इससे लाखों लोग लाभान्वित होंगे। शासन से निर्देश मिलते ही प्रयोगशाला या अन्य किसी अस्पताल के निर्माण का काम शुरू करा दिया जाएगा।
- डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ