- नोएडा जैसे महंगे शहर में कम वेतन पर जीवनयापन करना श्रमिकों के लिए हुआ कठिन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले में श्रमिकों का प्रदर्शन समाप्त हो गया है। हालांकि श्रमिक संगठन अभी भी अपनी मांगो पर अडिग हैं। उनका कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार कामगारों को दिया जाने वाला वेतन पर्याप्त नहीं है। अलग-अलग संगठनों ने पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक समान न्यूनतम वेतन दर लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वेतनमान केंद्र सरकार की निर्धारित दरों के अनुरूप होनी चाहिए।
अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के पदाधिकारियों ने कहा कि नोएडा में हिंसक प्रदर्शन दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन श्रमिक अराजक नहीं होते। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए कामगारों को रिहा करने की मांग की। संगठन के प्रतिनिधि ने कहा वर्तमान में गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और दिल्ली में न्यूनतम वेतन दरें अलग-अलग हैं। जबकि ये सभी क्षेत्र एनसीआर का हिस्सा हैं। ऐसे में पूरे क्षेत्र में एक समान वेतन दर लागू की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि गुरुग्राम और नोएडा जैसे महंगे शहरों में कम वेतन पर जीवनयापन करना श्रमिकों के लिए कठिन होता जा रहा है।
श्रमिक संगठनों ने केंद्र सरकार के अनुरूप न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग करते हुए बताया कि यह दर लगभग 26 हजार रुपये होनी चाहिए। उनका कहना है कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) की ओर न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये करने की मांग दोहराई गई। बताया गया कि इस संबंध में फरवरी से लगातार प्रशासन को ज्ञापन दिया जा रहा है।
12-15 हजार में नहीं दिल्ली एनसीआर मेें रहना मुश्किल
श्रमिक संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के आगे 12-15 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन में घर चलाना मुश्किल है। खर्च चलाने के लिए घर के सभी सदस्यों को कमाना पड़ता है या फिर परिवार को खुद से अलग रखते हुए यहां कमाने को मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गैस किल्लत और बढ़े किराये के बाद से आर्थिक संकट गहरा गया है।
अब समझें क्या हैं श्रमिक संगठनों की मांगे
- दिल्ली एनसीआर क्षेत्र (गुरूग्राम, दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद) में समान दर पर श्रमिकों की आय हो
- केंद्र सरकार की ओर से तय दरें (26 हजार रुपए प्रति माह) लागू हो, ताकि मजदूर अपना परिवार का खर्च उठा सकें
- आठ घंटे बाद ओवरटाइम पीरियड शुरू हो, जिसका उचित दाम मिले
- सभी श्रमिकों को स्पष्ट रूप से नियुक्ति पत्र दिया जाए, जिसमें आय समेत अन्य बातें स्पष्ट हों
- महिलाओं के निंरतर काम करने के दौरान उनके बैठने व ठहरने की उचित व्यवस्था हो
- बोनस दिए जाएं। साप्ताहिक अवकाश जरूरी हो।
कोट
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आय की समान दरें लागू होनी चाहिए। क्षेत्र में बढ़ती महंगाई के बीच परिवार चलाना मुश्किल है। - प्रमोद कुमार राजपूत, सचिव, एटक, यूपी
हम फरवरी से ही 26 हजार रुपये न्यूनतम आय लागू करने की मांग करते आ रहे हैं, जिस पर यूपी सरकार को विचार करना चाहिए। - गंगेश्वर दत्त शर्मा, सचिव, सीटू, गौतमबुद्ध नगर
नोएडा में गैस सिलिंडर 4000 रुपये तक मिलने के बाद से श्रमिकों के लिए 11 हजार रुपये में में घर चलाना आसान नहीं रहा। - राम स्वारथ, सीटू सदस्य
गैस सिलिंडर की कमी ने सबसे ज्यादा परेशान किया। स्थिति ऐसी आ गई थी कि हमारे पास घर लौटना का ही विकल्प बचा है। - हरि प्रसाद गुप्ता, श्रमिक