बरौला चौक पर हर रोज प्राधिकरण का पुतला फूंकेंगे किसान
नोएडा। बरौला में भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में रविवार को किसानों की महापंचायत हुई। जिसकी अध्यक्षता मास्टर लज्जा राम और संचालन अरुण शर्मा ने किया। महापंचायत में आबादी की जमीन पर बने दुकानों को तोड़ने के फैसले के विरोध में हर रोज बरौला चौक पर प्राधिकरण का पुतला फूंकने का फैसला लिया गया। किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार मिश्र को सौंपे ज्ञापन में उनके साथ किसी भी तरह का अन्याय होने पर प्राधिकरण के घेराव की चेतावनी दी।
महापंचायत में पहुंचे किसान और सपा नेता राजकुमार भाटी ने कहा कि बरौला में आबादी की जमीन पर किसान व्यवसाय कर रहे हैं। मगर प्राधिकरण योजनाबद्ध तरीके से एनजीटी की आड़ में किसानों से जमीन छीनना चाहता है। ऐसा होने नहीं दिया जाएगा। भले ही जेल जाना पड़े या गोली खानी पडे़। अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के कुछ अधिकारी किसानों को हमेशा उजाड़ने का काम करते हैं। अधिकारियों ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण को बेचकर तिजोरी भर ली। फिर भी किसानों की आबादी की जमीन उन्हें चुभ रही है। मगर अब समय आ गया है कि किसान एक साथ हुंकार भरें और अधिकारों को प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार चुनाव से पहले किसान हितैषी बनती थी। अब सत्ता में आने के बाद किसानों के घर ही उजाड़ने में लगी है।
हमेशा से छले जाते हैं किसान
पूर्व विधायक भगवान उर्फ गुड्डू शर्मा ने कहा कि किसानों को हमेशा से छला जाता रहा है। पुख्ता कागजात होने के बाद भी आबादियां छीन ली गई हैं। यह तब तक होता रहेगा जब तक किसान एकजुट नहीं होंगे। मगर महापंचायत में इतने किसानों के आने के बाद लग रहा है कि किसान एकजुट हो रहे हैं।
एनजीटी की आड़ में कब्जे की कोशिश का आरोप
भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव बेगराज गुर्जर ने कहा कि बरौला में आबादी की जमीन को अब प्राधिकरण एनजीटी की आड़ में कब्जाना चाहते हैं। जबरन लेकर किसी न किसी बिल्डर को बेच देंगे। पत्थर मार्केट से कोई प्रदूषण नहीं हो रहा था मगर किसानों से जमीन लूटने के लिए प्राधिकरण ऐसा कर रहा है।
ये रहे मौजूद
महापंचायत में हापुड़, गाजियाबाद, बुलंदशहर और बागपत के अजब सिंह कसाना, बीर सिंह यादव, सुखबीर खलीफा, बीसी प्रधान बरौला, राजीव अधाना, पवन हूण, ओमवीर सिंह, जयकुमार, सतबीर सिंह, गीता भाटी, धर्मपाल पहलवान, सुरेन्द्र प्रधान, बाली सिंह, भोपाल चौहान, गौतम अवाना, ओमप्रकाश गुर्जर, पुरुषोत्तम नागर, जयबीर प्रधान, सतीश चौहान, भोपाल चौहान, ललित अवाना समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे ।