एनटीपीसी दादरी के लिए किए गए जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को 27 साल के बाद भी शेष मुआवजे का भुगतान नहीं हुआ। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिए जाने की मांग पूरी नहीं हुई है। किसान लगातार मांग कर आंदोलन करते रहे हैं। मांग को पूरा कराने के लिए 5 अगस्त से सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।
प्रभावित किसान चरण सिंह निवासी श्यौराजपुर ने ग्रेटर नोएडा में एक पत्रकार वार्ता में बताया कि 27 साल पहले 23 गांवों के किसानों की जमीन एनटीपीसी के लिए जाने वाली रेलवे लाइन के लिए अधिग्रहण की गई थी। जिसके बाद से क्षेत्र के किसान लगातार परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिए जाने व अतिरिक्त मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन करते रहे हैं। जिसे लेकर कई बार प्रशासन के अधिकारियों व किसानों के बीच समझौते हुए हैं। लेकिन उसके बावजूद भी प्रभावित परिवारों के एक सदस्य को नौकरी व शेष मुआवजा आज तक नहीं दिया गया है। जबकि वो 26 नवंबर 2018 व 26 फरवरी 2019 को दो बार दो-दो दिन के लिए भूख हड़ताल भी कर चुके हैं। लेकिन दोनों बार प्रशासन के अधिकारियों ने
झूठे आश्वासन देकर उनकी भूख हड़ताल को खुलवा दिया।
चरण सिंह का कहना है कि उन्होंने अपनी मांगों का ज्ञापन एडीएम प्रशासन को सौंपा है। यदि उनकी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो वो 5 अगस्त से एक बार फिर भूख हड़ताल करेंगे।