फर्श बाजार की न्यू संजय अमर कॉलोनी में बीड़ी नहीं देने पर एक युवक ने पड़ोसी का गला रेत दिया। आरोपी ने उस्तरे से उसके चेहरे पर भी हमला कर दिया। जख्मी हालत में पीड़ित दीपक को हेडगेवार अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपी मोहित की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक दीपक अपने परिवार के साथ न्यू संजय अमर कॉलोनी में रहता है। इसके परिवार में पत्नी रिंकी कुमारी व अन्य हैं। दीपक मोबाइल चार्जर बनाने का काम करता है। 24 अक्तूबर को वह किसी बात से बाहर निकला तो पड़ोस में ही रहने वाले मोहित ने दीपक से पीने के लिए बीड़ी मांगी। मना करने पर मोहित उसे गाली देने लगा। दीपक ने मोहित के थप्पड़ मार दिया।
आरोपी चला गया, दीपक भी अपने घर आ गया। अगले दिन दीपक घर से किसी काम से निकला तो आरोपी ने अचानक पीछे से आकर उस्तरे से उसका गला रेत दिया। इसके बाद उसे चेहरे पर भी हमला कर दिया। ब्यूरो
शाहदरा जिले के मानसरोवर पार्क इलाके में एक शख्स को शराब पीकर अपने ही ढाबे पर पहुंचना भारी पड़ गया। पति को नशे में देखकर पत्नी आग बबूला हो गई। उसने पति पर चाकू से वार कर दिया। जबकि सास ने तवे से उसके सिर पर हमला कर दिया। हमले में पीड़ित रिंकू गुप्ता (41) बुरी तरह जख्मी हो गया। किसी तरह उसने अपनी जान बचाई। बाद में मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
रिंकू को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके सिर और हाथ में गंभीर चोट लगी है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल चाकू और तवा बरामद कर पत्नी व सास से पूछताछ शुरू कर दी है। बुधवार को ही मानसरोवर पार्क थाना पुलिस ने रिंकू की शिकायत पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक रिंकू अपने परिवार के साथ राम नगर में रहता है। परिवार में पत्नी रेखा गुप्ता व अन्य सदस्य हैं। घर के पास ही राम नगर में वह ढाबा चलाता है। मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे शराब पीकर वह ढाबे पर पहुंचा। वहां उसकी पत्नी रेखा और सास शारदा मौजूद थे। पति को नशे में देखकर रेखा भड़क गई। उसने सब्जी काटने वाला चाकू उठाया और पति पर हमला कर दिया।
सास शारदा ने भी गुस्से में पास में रखा तवा उठाया और रिंकू के सिर पर दे मारा। अचानक हुए हमले से रिंकू गिर गया। शोर-शराबा हुआ तो लोग वहां पहुंच गए। रिंकू को बचाया गया। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने रिंकू को अस्पताल में भर्ती कराया। बुधवार को रिंकू ने पत्नी व सास के खिलाफ बयान देकर मामला दर्ज करा दिया।
पंजाबी बाग इलाके में चार घरेलू सहायकों ने टूर एंड ट्रैवल कारोबारी के परिवार को नशीला पदार्थ खिलाकर घर से तीन करोड़ से अधिक का माल उड़ा लिया। आरोपी करीब 70 लाख रुपये नगद, जूलरी, कीमती सामान के साथ फॉर्च्यूनर कार भी ले गए। कारोबारी अदीब सिंह बिंद्रा (34) ने पुलिस को बताया है कि फरार चारों घरेलू सहायक और सहायिकाएं नेपाल निवासी हैं।
पंजाबी बाग थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच के लिए 6 टीमें गठित की हैं। पुलिस को सीसीटीवी कैमरों से अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उत्तराखंड पुलिस की मदद से दिल्ली पुलिस की टीम ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। फिलहाल उनको दिल्ली लाया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक पीड़ित अदीब सिंह बिंद्रा परिवार वेस्ट पंजाबी बाग स्थित कोठी में परिवार के साथ रहते हैं। वह बिंद्रा टूर एंड ट्रैवल के नाम से कंपनी है। नेपाल निवासी करण शार्की (30) बीते छह वर्षों से घर में हेड कुक था। वहीं राजू (19) सफाई व दूसरे काम कर रहा था। जबकि प्रीति (20) और दीपा (20) घर में छोटे-मोटे काम करती थी। इसके अलावा घर में राज व प्रदीप भी काम करते हैं। अदीब ने ग्राउंड फ्लोर पर सर्वेंट क्वार्टर बनाए हुए हैं। जहां सभी घरेलू सहायक रहते थे।
23 अक्तूबर की रात अदीब परिवार के साथ किसी कार्यक्रम में गए थे। तड़के करीब 4:30 बजे घर पहुंचे। उन्होंने देखा कि अपर ग्राउंड फ्लोर के किचन की लाइट ऑन थी। अदीब पहली मंजिल के ड्रेसिंग रूम में गए तो वहां अलमारियों के ताले टूटे थे। घर का सामान भी बिखरा था। फर्श पर उनकी मां अमिंदरजीत कौर और बेड पर पिता दलजीत सिंह बेहोश पड़े थे। अदीब ने मामले की सूचना पुलिस और एंबुलेंस को दी। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।
अदीब ने घर का सामान चेक किया तो वहां अलमारियों में रखे करीब 70 लाख कैश, सोने-हीरे के जेवरात, कीमती घड़ियां व अन्य सामान गायब थे। अदीब का कहना था कि आरोपियों ने करीब तीन करोड़ का सामान चोरी कर लिया है। नीचे सर्वेंट क्वार्टर में राज व प्रदीप भी लगभग बेहोशी की हालत में मिले। सभी को अस्पताल भिजवाया गया।
घर से एक फॉर्च्यूनर गाड़ी भी गायब थी। जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने परिजनों को खाने में कुछ नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया। इसके बाद पूरे घर की तलाशी लेकर माल उड़ा लिया। वारदात के बाद आरोपी घर में खड़ी गाड़ी भी अपने साथ ले गए। जिला पुलिस के अलावा दिल्ली पुलिस की बाकी टीमें भी आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने फेसबुक पर पेज बनाकर किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के नाम पर ठगी करने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। दोनों ने मुंबई के सर्जन से ट्रांसप्लांट करानेे के नाम पर 10 लाख रुपये ठग लिए थे। गिरफ्तार आरोपी अलीगढ़ निवासी विपिन कुमार (21) और प्रतापगढ़ निवासी रोहित कुमार यादव (27) दिल्ली, हरियाणा, यूपी और हरियाणा में कई लोगों से धोखाधड़ी कर चुके हैं। फेसबुक चैट से पता लगा कि हाल ही में इन्होंने पांच लोगों से ठगी की है जबकि 50 से ज्यादा लोगों से किडनी ट्रांसप्लांट के लिए संपर्क में थे।
संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार के मुताबिक डॉ. राजीव चंद्रा मुंबई में सर्जन हैं। बीमारी के कारण उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी गई थी। फेसबुक पर विज्ञापन देखकर उन्होंने करण से संपर्क किया। करण ने उन्हें मिलने के लिए दिल्ली बुलाया। वह 27 अगस्त को दिल्ली आ गए। दोनों के बीच 22 लाख में सौदा हुआ। यहां करण ने छह लाख रुपये एडवांस के तौर पर मांगे। डॉ. राजीव ने साढ़े तीन लाख रुपये देकर बाकी रकम बाद में देने की बात कही। सितंबर में उन्होंने एक लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। आरोपी करण ने 17 सितंबर को डॉ. राजीव को दक्षिण दिल्ली के एक नामी अस्पताल के पास बुलाया। यहां पर आरोपी ने डॉक्टर से पांच लाख रुपये ले लिए और डॉक्टर को अस्पताल के अंदर जाने को कहा। पैसे लेते ही आरोपी वहां से फरार हो गया।
वहीं डॉ. राजीव जब अस्पताल के अंदर गए तो पता लगा कि उनका अस्पताल में कोई अप्वाइंटमेंट नहीं था। डॉक्टर की शिकायत पर अपराध शाखा ने मामला दर्जकर जांच शुरू की। डॉ. राजीव ने दस लाख देने की शिकायत की है। जांच में पता लगा कि करण का असली नाम विपिन है। पुलिस ने उसे कानपुर से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर मंगलवार को दूसरे आरोपी रोहित कुमार यादव को प्रतापगढ़, यूपी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों के फरार साथियों की तलाश में जुटी है।
लॉकडाउन में नौकरी जाने के बाद शुरू किया फर्जीवाड़ा
12वीं पास विपिन कुमार संगम विहार में अकाउंटेंट था। लॉकडाउन में उसकी नौकरी चली गई। उसी समय उसकी मुलाकात रोहित कुमार से हुई। रोहित भी बेरोजगार था। दोनों ने मिलकर एक फेसबुक आईडी बनाई। इसी आईडी पर फेसबुक पेज बनाकर उन्होंने किडनी के डोनर और मरीजों की जानकारी अपलोड की। साथ ही दोनों ने विजय पांडे के नाम से फर्जी फेसबुक पेज बनाया था और किडनी से संबंधित पोस्ट इस पर डालने लगे। इसके बाद लोग इनसे संपर्क करते थे। आरोपी लोगों से फेसबुक चैट पर संपर्क करते थे। उनकी ज्यादातर बातचीत चैट के माध्यम से ही होती थी।