पुन्हाना। समय पर बारिश और नहरों में पानी नहीं आने से मेवात के सैकड़ों गांवों में ज्वार, बाजरा और हरे चारे आदि की फसलें सूखने लगी हैं। अगर जल्द ही फसलों को पानी नहीं मिला तो किसानों को काफी नुकसान हो जाएगा। जहां किसान पानी की छबील और दान पुण्य कर ईश्वर से बारिश करने की प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं, नहराें में पानी छोड़ने के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं।
गांव लाहाबास निवासी समी खां, गांव जाख निवासी सैयद इब्राहीम, गांव लुहिगाकलां निवासी शमशेर चेयरमैन, गांव बादली निवासी सहूद खान, सुभान खां नंबरदार, गांव मामलीका निवासी उमर मोहम्मद ने बताया कि कुछ समय पहले क्षेत्र में बारिश हुई थी। इस कारण किसानों ने हरे चारे के अलावा ज्वार, बाजरा आदि फसलों की बिजाई कर दी थी। फसल भी काफी अच्छी उगी है, लेकिन नहरों में पानी और समय पर बारिश नहीं होने से फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। अगर जल्द पानी नहीं मिला तो फसलें सूखने से क्षेत्र के किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो जाएगा। किसानों का आरोप है कि उजीना ड्रेन में कार्यरत अधिकारी कभी भी समय पर पानी हीं छोड़ते हैं। इस कारण अक्सर उनकी फसलें खराब हो जाती हैं। नहरों में पानी छोड़ने के लिए कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन फिर भी समस्या का समाधान नहीं किया गया। वहीं, इस बारे में सिंचाई विभाग पुन्हाना के एसडीओ राजेश कुमार का कहना है कि कमी के कारण नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। पानी आने पर नहरों में पानी छोड़ दिया जाएगा।