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Noida News: दो साल बाद अखाड़े में काजल, ऑल इंडिया विवि में लगाएंगी दांवपेच

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कुश्ती प्रतियोगिता ग्रेटर नोएडा के धूम-मानिकपुर गांव की बेटी ने हासिल किया स्वर्ण पदक
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नितेश कुमार



ग्रेटर नोएडा। करीब दो वर्ष पहले पैर में ऑपरेशन के कारण अखाड़े से दूर रहीं पहलवान कागज यादव ने वापसी कर ली है। वह ऑल इंडिया विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में दांवपेच लगाएंगी। उनका चयन ट्रायल में हुआ है। वह ग्वालियर स्थित डिप्लोमा ऑफ स्पोर्ट्स कोचिंग में कोच बनने की तैयारी भी कर रही हैं।
करीब दो वर्ष पहले पैर में लिगामेंट का ऑपरेशन होने की वजह से काजल को अखाड़े से दूर होना पड़ा था। ऑल इंडिया विवि प्रतियोगिता के लिए 28 अक्तूबर को मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) में हुई कुश्ती प्रतियोगिता ग्रेटर नोएडा के धूम-मानिकपुर गांव की काजल ने 59 किग्रा भार में स्वर्ण पदक हासिल किया। प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के आधार पर उसका चयन विवि प्रतियोगिता के लिए हुआ है। विवि प्रतियोगिता के लिए चयनित होने पर परिवार में खुशी की लहर है।
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मिल रही बधाई
कोच रवि पहलवान ने बताया कि इससे पहले भी पहलवान ऑल इंडिया विवि और एक बार खेलो इंडिया विवि में जिले का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। जिला कुश्ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सतपाल यादव, संरक्षक चतर सिंह, सहसचिव रंजीत पहलवान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष परीक्षित नागर आदि ने पहलवान को बधाई दी।
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विरोध ने ही बनाया मजबूत

काजल ने बताया कि कुश्ती के गुर सीखने पर सगे-संबंधी ने कड़ा विरोध किया था। उन्होंने कहा है कि लड़की है तो लड़की की तरह रहना चाहिए। खेलना-कूदना लड़कों का काम है लेकिन माता-पिता व कोच ने काफी सहयोग किया। आज उसी का नतीजा है कि चोट के बाद वह एक बार फिर से अखाड़े में पहुंची हैं।
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