हाईकोर्ट के दोनों न्यायाधीश अवकाशकालीन पीठ का हिस्सा हैअमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जसमीत सिंह और विकास महाजन ने सोमवार को रात 9 बजे के बाद तक मामलों की सुनवाई की। उच्च न्यायालय में ग्रीष्म अवकाश है और दोनों न्यायाधीश अवकाश-पीठ का हिस्सा हैं, जिन्हें छुट्टियों के दौरान अत्यावश्यक मामलों से निपटने के लिए नामित किया गया है।
जस्टिस सिंह और महाजन पहली बार सुबह करीब 10:30 बजे डिवीजन बेंच के हिस्से के रूप में एक साथ बैठे। बाद में लगभग 3:30 बजे वे एकल-न्यायाधीश बेंच के रूप में अलग-अलग बैठे और मामलों की सुनवाई की। जहां जस्टिस महाजन रात करीब 9:20 बजे उठे वहीं जस्टिस सिंह रात 9:50 बजे तक बैठे रहे। जस्टिस महाजन के सामने 50 मामले थे। जस्टिस सिंह के पास 48 मामले थे। दोनों जजों के सामने पेश हुए वकीलों ने इस भाव का स्वागत किया।
वरिष्ठ अधिवक्ता और दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन (डीएचसीबीए) के अध्यक्ष, मोहित माथुर रात करीब 9 बजे एक मामले में न्यायमूर्ति महाजन के समक्ष उपस्थित हो रहे थे, जब उन्होंने सुझाव दिया कि न्यायाधीश को अब रात का खाना खा लेना चाहिए और वह बाकी मामलों की सुनवाई कल कर सकते हैं। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि वह मंगलवार को 15 मामलों की सुनवाई करेगी क्योंकि उन पर आज विचार नहीं किया जा सका।