पत्रकारिता-राष्ट्र निर्माण एक दूसरे के पूरक - डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय
ग्रेटर नोएडा। भारत चिंतन और मनन का देश है। पहले शास्त्रार्थ होते थे, अब कार्याशालाएं होती हैं। पत्रकारिता और राष्ट्र निर्माण एक दूसरे के पूरक हैं। यह विचार भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में सार्क जर्नलिस्ट फोरम के सहयोग से राष्ट्र निर्माण में पत्रकारिता की भूमिका विषय पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी के समापन समारोह में कही।
उन्होंने कहा कि आजादी के पूर्व देश के यशस्वी नेता पत्रकार भी थे। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जो आंदोलन चले उनमें भी मीडिया की अहम भूमिका थी। प्रो. वंदना पांडेय, सार्क जर्नलिस्ट फोरम के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष राजू लामा, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवीन्द्र कुमार सिन्हा आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। ब्यूरो