नोएडा। शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। पहले चरण में हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषय को आधार बनाते हुए जिले के जेवर और बिसरख को प्रेरक ब्लॉक बनाया जाएगा। इसके लिए कक्षा एक से 3 तक 14 बिंदु और कक्षा 4 से 5 में 16 बिंदुओं पर परीक्षण किया जाएगा। इन्हीं बिंदुओं में स्कूलों की दशा सुधारने की बात भी होगी। शासन की कोशिश जिले के प्रत्येक सरकारी स्कूल को प्रेरक बनाया जाए। शासन की मंशा है कि पहले स्कूल प्रेरक बने, फिर उनसे पूरा ब्लॉक, बाद में जिला और मंडल। इसी तरह पूरा प्रदेश प्रेरक हो जाएगा। इसके लिए शुुरुआत में प्राथमिक स्कूलों का चयन किया गया है। जिले में प्राथमिक स्कूलों की संख्या 297 और 161 कंपोजिट (प्राथमिक व जूनियर) दोनों हैं। शासन से नामित एजेंसी 40 स्कूलों का हाल देखेगी।
कक्षा एक से 5 तक विद्यार्थी चिह्नित
कक्षा एक से 5 तक के छात्र व छात्राओं को इस प्रोजेक्ट के लिए चिह्नित किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर ने बताया कि पहले चरण में जेवर और बिसरख के प्रत्येक स्कूल को प्रेरक बनाया जाएगा। इनकी जांच शासन से नामित एजेंसी करेगी। वह प्रत्येक ब्लॉक में विभिन्न बिंदुओं पर 20 स्कूलों की जांच करेगी। स्कूल यदि जांच में 80 फीसदी से अधिक अंक पाता है तो उसे प्रेरक माना जाएगा। यदि सभी 20 स्कूल इतने से अधिक अंक पाते हैं तो पूरा ब्लॉक प्रेरक हो जाएगा। दूसरे चरण में दादरी और दनकौर का चयन किया जाएगा। चारों ब्लॉक में स्कूलों के अंक 80 फीसदी से अधिक होंगे तो पूरा जिला ही प्रेरक मान लिया जाएगा।
बच्चों को करनी होगी 5 अंकों की पहचान
अफसरों का कहना है कि सरकार की कार्ययोजना के तहत कक्षा एक से पांच तक के लिए तीन विषय लिए गए हैं। इनमें से दो हिंदी और अंग्रेजी को भाषा माना गया है। वहीं, एक विषय गणित होगा। छात्र को प्रत्येक विषय में 5 अंकों की पहचान होनी चाहिए। मसलन, यदि कक्षा 2 के एक छात्र को 20 तक गिनती दी जाए तो उसे इनमें से 5 अंकों की जानकारी हर हाल में होनी चाहिए। कक्षा एक से 3 के लिए 14 बिंदु और कक्षा 4 से 5 के लिए 16 बिंदुओं पर परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए साल भर में एक कार्यक्रम तैयार कर बच्चों का अध्यापन कार्य पूर्ण कराया जाएगा।
शासन से निर्देश मिले हैं। पहले चरण में जेवर और बिसरख को प्रेरक ब्लॉक बनाने की कवायद शुरू की गई है। इसके बाद दनकौर और दादरी की बारी आएगी।
- संजय कुमार उपाध्याय, प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी