मजालता। अमर उजाला फाउंडेशन के दोस्त पुलिस कार्यक्रम के तहत रविवार को छात्र-छात्राओं ने मजालता थाने का भ्रमण किया। जहां पर छात्रों ने थाने का कामकाज देखा। इसके साथ ही थाने में दर्ज होने वाली एफआईआर की भी जानकारी ली और बच्चों ने थाना प्रभारी से सवाल भी पूछे।
नेशनल माडल एकेडमी हायर सेकेंडरी स्कूल कैल परडाई के कक्षा 5वीं से 7वीं क्लास के करीब 50 छात्र-छात्राएं मजालता थाना में पहुंचे। सबसे पहले छात्रों ने थाना प्रभारी सतार चौधरी से बात की। थाना प्रभारी ने बताया कि थाने में तैनात इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, मुंशी, सिपाही की क्या ड्यूटी है और पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में बच्चों को जानकारी दी। इसके साथ ही बताया कि थाने पर महिला हेल्प डेस्क, साइबर हेल्प डेस्क भी होता है, जहां पर हर समय पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं और वह आने वाले फरियादियों की समस्या को सुनकर उसका निस्तारण करते हैं।
उन्होंने छात्रों को दौरे के दौरान साइबर क्राइम के बारे में जागरूक किया। कहा कि छात्रों को अपने मोबाइल फोन का सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए। किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक नहीं करना है और किसी के साथ ओटीपी शेयर नहीं करना है। छात्रों ने भी कार्यक्रम के दौरान साइबर एक्सपर्ट से कई सवालों के जवाब पूछकर अपनी जिज्ञासा को शांत किया।
वहीं हेड कांस्टेबल काकी देवी और लेडी कांस्टेबल सपना देवी ने बच्चियों को उनके अधिकार और बच्चों से जुड़े कानून की भी जानकारी दी। इस मौके पर पीएसआई अरुण गोत्रा, पीएसआई अखिलेश सलाथिया भी मौजूद रहे। स्कूल की तरफ से रामपॉल गुप्ता, ममता सम्याल, ताहिरा बैगम भी उपस्थित रहे। स्कूल प्रशासन ने अमर उजाला का धन्यवाद करते हुए कहा कि दोस्त पुलिस कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को पुलिस स्टेशन के कामकाज को नजदीक से देखने का मौका देना एक बेहतरीन प्रयास है।
7वीं कक्षा की छात्रा को थाना प्रभारी भी बनाया
थाना प्रभारी सतार चौधरी ने स्कूल की 7वीं कक्षा की छात्र सुचारिता राजपूत को अपनी कुर्सी पर बिठाकर एक दिन का थाना प्रभारी बनाकर उसको थाना प्रभारी के कामकाज के बारे में बताया। छात्रा ने बताया कि यह उनकी जिंदगी का बेहतरीन पल रहा और वह चाहती है कि बड़े होकर वह भी पुलिस ऑफिसर बनकर लोगों की सेवा करे। छात्रों द्वारा मजालता पुलिस के दोस्ताना रवैये को बहुत सराहा गया और पुलिस की इस छवि और व्यवहार से रूबरू होने पर उनके मनोबल को भी प्रोत्साहन मिला।