सुपरटेक के ट्विन टावरों को ध्वस्त करने के लिए नियुक्त एजेंसी एडिफिस इंजीनियरिंग ने प्राधिकरण की सीईओ को सुरक्षित ध्वस्तीकरण की अंतिम रिपोर्ट भेज दी है। इसमें टावरों को गिराने में देरी के नतीजों से भी अवगत कराया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 28 अगस्त तक अगर टावर ध्वस्त नहीं किए गए तो जोखिम बढ़ सकता है। दोनों ही इमारतें कमजोर हो चुकी हैं, इन्हें गिराने में किसी तरह की देरी बड़ी खतरे से कम नहीं है।
एजेंसी की तरफ से टावरों को गिराने की पूरी तैयारियां हो चुकी हैं। विस्फोटक लगाने के लिए पुलिस ने एनओसी जारी कर दी है। आसपास की संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की सूरत में 100 करोड़ रुपये का बीमा कराया गया है। पलवल की मेसर्स सोलर एक्सप्लोसिव एजेंसी से विस्फोटक नोएडा लाने की पूरी तैयारी हो चुकी है। सीबीआरआई को 15 अगस्त तक सौंपी जाने वाली स्ट्रक्चरल एनालिसिस रिपोर्ट को छोड़कर अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
...तो नवंबर तक करना होगा इंतजार
टावरों को ध्वस्त करने और विस्फोट लगाने के लिए छह विदेशी सहित 16 विशेषज्ञों की टीम और 80 मजदूर दो अगस्त से खाली बैठे हैं। दो अगस्त से विस्फोटक लगने थे। एडिफिस की सहयोगी कंपनी जेट डिमोलिशन के पास सितंबर में समय का अभाव है। ऐसे में निर्धारित समय में ध्वस्तीकरण न होने पर अक्तूबर या नवंबर तक इंतजार करना होगा। ऐसी स्थिति में काम में देरी का खर्च कौन उठाएगा। इसकी जानकारी एडिफिस ने प्राधिकरण से मांगी है।