दादरी में भीड़ हिंसा का शिकार हुए इकलाख की बेटी की हुई शादी
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बिसाहड़ा के बहुचर्चित इकलाख हत्याकांड के बाद परिवार में रविवार को खुशी का मौका आया। इकलाख की बेटी शाइस्ता का निकाह रविवार को संगम विहार दिल्ली निवासी सिविल इंजीनियर महमूद आलम सैफी से मोदीनगर के रास गार्डन में हुआ। परिवार ने पैतृक गांव बिसाहड़ा में परिचितों को निकाह का न्योता नहीं दिया।
इकलाख के भाई जान मोहम्मद ने बताया कि इकलाख की हत्या के बाद से वह बिसाहड़ा गांव नहीं जा पाए हैं। घटना के बाद से ही उनका परिवार गांव के बाहर रह रहा है। रविवार को परिवार ने इकलाख की बेटी शाइस्ता का निकाह मुरादनगर में किया। शाइस्ता की आयु इकलाख की हत्या के दौरान लगभग 19 वर्ष की थी और वह केस में गवाह भी है।
बिसाहड़ा से अभी भी उनके पास किसी भी आयोजन आदि के निमंत्रण आते हैं, लेकिन वह भाई की हत्या के बाद से वहां नहीं गए हैं और न ही शाइस्ता के निकाह का न्योता वह बिसाहड़ा में किसी को दे पाए। इकलाख हत्या के केस में संबंध में उन्होंने बताया कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। दूसरे केस में अभी पुलिस जांच कर रही है।
ये है इकलाख हत्याकांड की दास्तां
बिसाहड़ा गांव में 28 सितंबर 2015 की रात गोहत्या की सूचना के बाद भीड़ ने इकलाख की पीटकर हत्या कर दी थी और उनके बेटे दानिश को भी हमला कर घायल कर दिया था। घटना के बाद गांव के 18 लोगों को जेल भेजा गया था। एक आरोपी रवि की न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी। शाइस्ता घटना के समय घर में ही मौजूद थी।