कार्यवाहक डीजीपी ओपी सिंह 31 दिसंबर को हो रहे सेवानिवृत्त
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक मित्तल और अरशिंदर सिंह चावला को डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) प्रमोट किया है। राज्य की गृह सचिव डाॅ. सुमिता मिश्रा ने यह आदेश जारी किए हैं। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के डीजीपी बनने के बाद राज्य में डीजीपी रैंक के अफसरों की संख्या सात हो गई है।
साथ ही दोनों अधिकारी हरियाणा का अगला डीजीपी बनने की दौड़ में शामिल हो गए हैं। वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामले में डीजीपी शत्रुजीत कपूर के छुट्टी पर जाने के बाद आलोक मित्तल को डीजीपी बनाए जाने की काफी चर्चा थी हालांकि राज्य सरकार ने ओपी सिंह को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया था।
दस अक्तूबर को डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) की बैठक में दोनों अधिकारियों की डीजीपी पद पर पदोन्नत करने की मंजूरी दी गई थी। डीजीपी पद पर प्रमोट इन अफसरों के अलावा राज्य में इस पद पर आईपीएस मोहम्मद अकील, शत्रुजीत कपूर, संजीव कुमार, ओपी सिंह, अजय सिंघल शामिल हैं।
ओपी सिंह के रिटायर व कपूर के नहीं लौटने पर बनेगी संभावना
अलोक मित्तल व अरशिंदर सिंह चावला की पदोन्नति के बाद अगले डीजीपी के नाम की चर्चा तेज हो गई है। शत्रुजीत कपूर के छुट्टी पर जाने के बाद सरकार ने ओपी सिंह को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया था। ओपी सिंह का कार्यकाल 31 दिसंबर तक है। यदि उन्हें सेवा विस्तार नहीं मिलता है और शत्रुजीत कपूर छुट्टी से वापस नहीं आते हैं तो आलोक मित्तल व अरशिंदर सिंह चावला अगले डीजीपी बनने की दौड़ में शामिल होंगे। आलोक मित्तल राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख हैं। उनका कार्यकाल 30 जून 2029 तक है। चावला पुलिस अकादमी मधुबन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनका रिटायरमेंट 30 सितंबर 2027 को है।