माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिले में साइबर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। ठगी के मामलों की पड़ताल में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। ज्यादातर मामलों में साइबर ठगी के गैंग विदेशों में बैठे साइबर ठग अंजाम दे रहे हैं। ज्यादातर मामलों में कंबोडिया, वियतनाम, म्यांमार और लाओस से ठगों के लिंक जुड़ रहे हैं। खास बात यह है साइबर ठग लोकल नंबरों और बैंक खातों का ही प्रयोग कर रहे हैं। पुलिस ने लगातार साइबर ठगी में संलिप्त ऐसे नंबरों की लिस्ट जारी की है जिनकी आईडी पर नंबर जारी किए गए हैं उनकी जांच शुरू कर दी गई है।
पानीपत जिला औद्योगिक नगर होने के कारण यहां पर विदेशों तक कारोबार फैला है। ऐसे में साइबर ठग भी ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर कारोबारियों को जाल में फंसा रहे हैं। जिले में नौ माह में साइबर ठग जिले वासियों से करीब 15 करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं। साइबर क्राइम थाने में 99 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें ज्यादातर मामले ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़े हैं। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इस मामलों की जांच की तो इनके संबंध विदेशों से जुड़े मिले।
साइबर क्राइम थाना पुलिस का कहना है कि हर तीसरे मामले में साइबर ठगी के तार विदेश से जुड़े हुए मिले हैं। साथ ही यह भी जांच में सामने आया है कि साइबर ठगों ने ठगी के लिए लोकल नंबर का ही प्रयोग किया है। जिससे लोग उनके झांसे में आ गए। ऐसे नंबरों को पुलिस ने चिह्नत किया है। अब इन नंबरों की जांच की जा रही है।
एजेंट करते हैं सिम की तस्करी
साइबर ठगों ने जिले में एजेंट छोड़ रखे हैं। जो बैंक खाते और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते हैं। एजेंट यहां पर किसी भी व्यक्ति को झांसे में लेकर उसकी आईडी पर सिमकॉर्ड खरीद लेते हैं। इसके बाद 10 नंबर को अपने मोबाइल में एक्टिव करते हैं। साइबर ठग उस नंबर पर अपने मोबाइल फोन में व्हाट्सअप एक्टिव कर लेते हैं। इसके बाद साइबर ठग व्हाट्सअप कॉल कर साइबर ठगी के लिए कॉल करते हैं।
पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
1. ऑनलाइन खरीदारी करते समय चेक करें वेबसाइट के यूआरएल मे एचटीटीपीएस हो न की खाली एचटीटीपी।
2. कोई अपरिचित किसी एप्लीकेशन को डाउनलोड करने के लिए कहता है तो डाउनलोड न करें।
3. केवाईसी के नाम पर आपसे 1 या 10 रुपये आपके ही बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं तो ऐसा न करें।
4. कोई व्यक्ति किसी एटीएम बूथ से कार्ड से ट्रांजेक्शन करें तो अपना पिन किसी को न बताएं, न ही दिखाएं।
5. ट्रांजेक्शन करने में असमर्थ होने पर किसी भी अपरिचित व्यक्ति की सहायता न लें।
6. एटीएम से रुपये निकालने में कभी मदद लेनी पड़े तो केवल बैंक के कर्मचारियों या एटीएम बूथ में मौजूद गार्ड की सहायता लें।
7. बैंक डिटेल, एटीएम कार्ड नंबर, कार्ड की एक्सपायरी एवं कार्ड पर पीछे लिखे 3 डिजिट के सीवीवी नंबर को शेयर न करें
8. धोखाधड़ी होने की स्थिति में बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल कर अपने बैंक को सूचित करें
9. ऑनलाइन नेट बैकिंग में ट्रांजेक्शन हमेशा अपने पर्सनल, कंप्यूटर या फोन पर करें।
साइबर ठगी के मामलों की जांच में पता चला है कि विदेशों से चलने वाले गिरोह भी लोकल नंबरों का प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे नंबरों की जांच की जा रही है। कुछ संदिग्ध नंबर मिले हैं जो एक से अधिक मामलों में शामिल रहे हैं। ऐसे नंबरों को चिह्नित किया जा रहा है।
-अजय कुमार, प्रभारी साइबर क्राइम थाना पानीपत