- जीटा-1 के एटीएस डोल्से सोसाइटी में वारदात, फ्लैट में ताला लगाकर गांव गया था परिवार
- मुख्य दरवाजे का ताला सही सलामत मिला , अलमारी का लॉकर खुला था, फोरेसिंक टीम ने जुटाए साक्ष्य
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जीटा-1 स्थित एटीएस डोल्से सोसाइटी में बंद फ्लैट को निशाना बनाकर बदमाशों ने करीब एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत के सोने-चांदी के गहने चोरी कर लिए। परिवार 17 अक्तूबर की रात फ्लैट में ताला लगाकर बिहार के मुंगेर स्थित पैतृक गांव गया था। 22 अक्तूबर की रात लौटने पर घर का सामान बिखरा मिला। अलमारी का लॉकर खुला था। उसमें रखे सोने और चांदी के जेवर गायब थे। परिवार ने चोरी गए गहनों की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई है।
पीड़िता अपर्णा झा अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सोसाइटी के टावर नंबर पांच की चौथी मंजिल पर फ्लैट में रहती हैं। वह दरबारी लाल स्कूल में शिक्षिका हैं। परिवार 17 अक्तूबर की रात फ्लैट बंद कर पैतृक गांव गया था। 22 अक्तूबर की रात करीब 12:20 बजे लौटने पर उन्हें घर के अंदर सामान बिखरा मिला। जबकि फ्लैट के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा नहीं मिला। सूरजपुर कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस सोसाइटी के सुरक्षा इंतजामों की जांच कर रही है साथ ही घरेलू सहायिका, सुरक्षा गार्ड और मेंटेनेंस विभाग के कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।
चाबी से लॉकर खोलने की आशंका
पीड़ित परिवार के मुताबिक बदमाशों ने अलमारी में रखी लॉकर की चाबी निकाली और बाथरूम के पास बनी ऊपरी अलमारी में रखे लॉकर को खोलकर गहने निकाल लिए। मुख्य दरवाजे का ताला सही सलामत मिला है। पुलिस डुप्लीकेट चाबी से दरवाजा खोलने खिड़की या किसी अन्य रास्ते से अंदर आने समेत कई संभावनाओं पर जांच की जा रही है। परिवार को आशंका है कि घर की चाबी जहां रखी जाती थी, वहां से उसकी नकल तैयार कराई गई हो सकती है। फ्लैट में सर्वेंट रूम के पास एक दरवाजा भी है, जो सीढ़ियों की तरफ खुलता है। हालांकि, फ्लैट मालिक के मुताबिक इस दरवाजे का लॉक अंदर से बंद रहता है।
ड्राइंग रूम में मिली ब्लैक लेबल की बोतल, बाथरूम में गंदगी
पीड़ित परिवार का दावा है कि बदमाशों ने चोरी के दौरान घर में रखी ब्लैक लेबल शराब पी। ड्राइंग रूम में खाली बोतल और गिलास मिले। परिवार के अनुसार गिलासों से शराब की गंध नहीं आ रही थी। इससे उन्हें संदेह है कि आरोपियों ने गिलास धोकर रख दिए हों। दोनों बाथरूम में गंदगी भी मिली और फ्लश नहीं किया गया था। इन परिस्थितियों के आधार पर परिवार का मानना है कि आरोपी फ्लैट में कुछ समय तक रुके थे। हालांकि इन दावों की पुलिस जांच कर रही है।
डांडिया कार्यक्रम के दौरान रेकी की आशंका
सोसाइटी के कुछ निवासियों ने नवरात्र के दौरान हुए डांडिया कार्यक्रम में बाहरी लोगों की आवाजाही को लेकर भी आशंका जताई है। उनका मानना है कि कार्यक्रम के दौरान सोसाइटी और फ्लैट की रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, इस आशंका की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस परिवार की गैरमौजूदगी के दौरान सोसाइटी में आने-जाने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है।
साढे सात हजार मासिक मेटेनेंस के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
वारदात के बाद सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। निवासियों का दावा है कि करीब साढ़े सात हजार रुपये मासिक मेंटेनेंस शुल्क देने के बावजूद लॉबी के पास पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए नहीं हैं। सोसाइटी के प्रवेश द्वार और भूतल पर सुरक्षा गार्ड तैनात रहने के बावजूद बंद फ्लैट में चोरी की घटना ने निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। निवासियों के अनुसार, इससे पहले पिछले वर्ष भी एक फ्लैट में चोरी हो चुकी है।
फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य और पूछताछ से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्य दरवाजे का ताला टूटे नहीं मिला है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। -प्रवीण रंजन सिंह, डीसीपी सेंट्रल नोएडा