उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री ने स्वच्छता और जल संरक्षण कार्यों का किया निरीक्षण
कहा - शीश महल पार्क के रिस्टोरेशन कार्य जल्द पूरा करने के दिए गए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
स्वच्छता और जल संरक्षण के लिए उपराज्यपाल वीके सक्सेना व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को नालों की सफाई व जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन के पास नजफगढ़ ड्रेन, प्रेमबाड़ी पुल, शालीमार बाग, सिंघलपुर गांव, लेबर चौक, सीए झुग्गी, गोल चक्कर, एयू झुग्गी रोड (वीआईपीएस कॉलेज के पास) और हैदरपुर ट्रीटमेंट प्लांट के पास मुनक नहर का दौरा किया। सीएम ने अधिकारियों को मुनक नहर के दोनों किनारों पर सड़क बनाने और नहर के पानी को संरक्षित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
दौरे का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के प्रमुख बुनियादी ढांचे, जल निकासी प्रबंधन, सड़क निर्माण, नालों की सफाई और जल प्रबंधन कार्यों की समीक्षा करना रहा। इस अवसर पर सांसद प्रवीण खंडेलवाल, डीडीए, एमसीडी, पीडब्लूडी और हरियाणा सरकार के अधिकारी भी मौजूद रहे। एलजी ने शालीमार बाग में शीश महल पार्क को ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ये दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत का एक अहम हिस्सा है। पिछले साल इसकी स्थिति खराब थी। इसे पुनर्स्थापित करने का निर्णय लिया गया। एक साल से डीडीए व एएसआई इस काम में जुटे हैं। एक-दो माह में काम पूरा करने के बाद इसे जनता को समर्पित कर दिया गया।
जल प्रबंधन में सामने आ रही समस्याओं की समीक्षा
जल प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं की गहन समीक्षा की गई। उपराज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारी स्वयं मैदान में उतरकर निरीक्षण कर रहे हैं और दो माह में नालों की सफाई का जितना कार्य हुआ है, वह बीते कई वर्षों में नहीं हुआ। हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली की विरासत व हरियाली को सहेजते हुए इसे सुंदर, सुनियोजित और गर्वित राष्ट्रीय राजधानी बनाया जाए।
विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर देने का संकल्प : सीएम
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्लीवासियों को विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर देना लक्ष्य है। मुनक नहर हरियाणा से शुरू होकर इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन तक आती है और नजफगढ़ ड्रेन से जुड़ती है। मुनक के दोनों किनारों पर सड़क बनाने, नहर की सुरक्षा, पानी के संग्रह व सफाई के लिए विस्तार से समीक्षा की गई। जल समस्या का स्थायी समाधान व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता से काम करें इसी उद्देश्य से व्यापक योजना पर काम करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली में वर्तमान में जलापूर्ति और सीवरेज सिस्टम असंगठित है। कहां से पानी आ रहा है, कैसे वितरित हो रहा है व एसटीपी और डब्ल्यूटीपी की क्षमता क्या है। इस पूरी व्यवस्था को समग्र और योजनाबद्ध तरीके से सुधारने की जरूरत है, इसीलिए नजफगढ़ ड्रेन की सफाई, प्रेमबाड़ी पुल, प्रमुख चौराहों पर यातायात प्रबंधन, सड़क मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्यों में शीघ्रता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।