कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी
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कोरोना काल के दो वर्ष बाद पहली बार नोएडा प्राधिकरण की ओर से रविवार को नोएडा के 47वें स्थापना दिवस के मौके पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस मौके पर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ भी शिरकत करेंगे। वह नोएडा प्राधिकरण की कई परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। औद्योगिक विकास मंत्री बनने के बाद नंदी पहली बार नोएडा आएंगे। उनसे यहां के निवासियों की भी काफी अपेक्षाएं है। इस बारे में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने अमर उजाला संवाददाता सुशील पांडेय को बातचीत में बताया कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से नोएडा वासियों को वर्ल्ड क्लास सिटी का अहसास होगा। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश...
प्र- आज नोएडा का स्थापना दिवस है। क्या कहना चाहेंगे?
जिस तरह से कश्मीर भारत का मुकुट है। उसी तरह से नोएडा उत्तर प्रदेश का मुकुट है। दिल्ली से यूपी में प्रवेश करने पर नोएडा प्रवेश द्वार की तरह काम करता है। यह एक प्रकार से यूपी का शो विंडो है। नोएडा से लोगों को काफी अपेक्षाएं हैं।
प्र- नोएडा में क्या बेहतर है और क्या नया करना चाहेंगे?
देखिए नोएडा को काफी कुछ मिला है। यहां चौड़ी सड़कें हैं। काफी हराभरा शहर है। काफी विकास हुआ है, लेकिन यहां और विकास की जरूरत है। सड़कों को थोड़ा और बेहतर करना होगा। हरियाली के रखरखाव के लिए काम करना होगा। कई योजनाएं हैं, जिन पर अमल करेंगे। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। कुछ ऐसा करेंगे कि नोएडा के निवासियों को वर्ल्ड क्लास सिटी का अहसास हो।
प्र- किन मुद्दों को आप यहां के लिए जरूरी समझते हैं?
स्थापना दिवस के कार्यक्रम के बाद दूसरी बार जब आऊंगा तो प्राधिकरणों की समीक्षा करूंगा। इसका सबसे बड़ा मकसद यह होगा कि किसी भी निवासी का उत्पीड़न न हो। चाहे वह किसान हो, बिल्डर-खरीदार मुद्दा हो, यहां के आवंटी हों। सभी का ख्याल रखा जाएगा। सभी को बराबर का हक मिलेगा। न्याय दिलाने का काम होगा।
प्र- मंत्री बनने के बाद प्राधिकरणों से पहली अपेक्षा क्या है?
किसी भी हाल में फाइलें पेंडिंग न रहें। अगर किसी का काम नहीं होने लायक है तो बताना होगा। अगर होने लायक काम है तो एक दिन, दो दिन या तीन दिन में करना होगा। अगर कोई बिना वजह फाइलें रोककर रखेगा तो जवाबदेही तय कर कार्रवाई होगी।
कई शिकायतें आ रही होंगी। इसको कैसे संभालेंगे?
देखेंगे कि किस प्रकार की शिकायतें हैं और समाधान कैसे हो। इन शिकायतों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। पब्लिक का भरोसा जीतना ही सरकार का मकसद होगा। प्राधिकरणों को भी इसके लिए दोस्ताना माहौल में काम करना होगा।