इंडसफूड-2024 में विदेशी जायके में लग रहा देसी तड़का
- इंडियन करी और बिरयानी के साथ विदेशी शेफ कर रहे लेबनान और रूस के डिशों का मिश्रण
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दो देशों के व्यंजनों का एक साथ स्वाद लेना हो तो जायके के शौकीन इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे खाद्य एवं पेय पदार्थों के शो इंडसफूड-2024 में आ सकते हैं। यहां लेबनान, हांगकांग, रूस सहित अन्य देशों से आए शेफ भारतीय व्यंजनों के साथ अपने देश के व्यंजनों का तालमेल कर एक अलग तरह की डिश तैयार कर रहे हैं। आयोजन में यूरोपीय संघ, चीन, रूस, संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, हांगकांग, बांग्लादेश, नेपाल, यूके समेत 15 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने स्टाल लगाए हैं।
रूस से आईं मरीना गुनिना ने बताया, वह यहां पर खास तौर से ग्लूटन फ्री (जिनको गेंहू के उत्पादों से पाचन संबंधी समस्या होती है उनके लिए) उत्पाद लेकर आई हैं। इसमें बनाना शेक, सूखे मेवों का शेक समेत अन्य तरह के उत्पाद पाउडर की शक्ल में हैं। केला और सूखे मेवे भारत में भी बहुत लोकप्रिय हैं। हमने बस इनकी प्रोसेसिंग का तरीका रूस के मुताबिक किया है।
भारतीय बटर चिकन के दीवाने विदेशी शेफ
लेबनान से आए रिचर्ड खौरी पहली बार इंडसफूड-2024 में शिरकत कर रहे हैं। उन्होंने बताया, भारत का बटर चिकन, करी और बिरयानी उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है। यहां पर थोड़ा मसाला ज्यादा होता है लेकिन हम मैनेज कर लेते हैं। भारत के जायके का जवाब नहीं। वहीं, लेबनान से ही आए पीटर अबी रामिया ने इंडसफूड-2024 में लेबनानी पेय पदार्थों की श्रृंखला प्रस्तुत की है। इसमें वहां के कुछ पारंपरिक पेय भी शामिल हैं। पीटर ने बताया वह स्वयं भारतीय करी को बहुत ही पसंद करते हैं। वह किसी भी प्रकार की करी हो सकती है। फिश करी से लेकर अंडा करी तक कुछ भी।
हांगकांग की जड़ी बूटियों के तेल
खाद्य पदार्थों के अलावा हांगकांग की लिलियान फंग वहां की जड़ी बूटियों से बने तेलों के उत्पाद के साथ आई हैं। इन तेलों को वहीं के पारंपरिक तरीकों से तैयार किया है। अब लिलयान फंग आयोजन के जरिए अपने उत्पादों का भारत में विस्तार करना चाहती हैं।