दिवालिया होने एनसीएलटी पहुंचा इंदिरापुरम हैबिटेट सेंटर का बिल्डर
ग्रेटर नोएडा। गाजियाबाद के इंदिरापुरम हैबिटेट सेंटर का बिल्डर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्युनल (एनसीएलटी) पहुंचा गया है। बिल्डर ने एनसीएलटी से कंपनी को दिवालिया घोषित करने की मांग की है। एनसीएलटी ने मामले में आईआरपी नियुक्त कर दिया है। वहीं, यूपी रेरा ने बिल्डर पर कार्रवाई रोक कर खरीदारों की शिकायतों को प्रतीक्षा में रखा है।
यूपी रेरा की पीठ तीन इंदिरापुरम हैबिटेट सेंटर के मामलों पर सुनवाई कर रही है। यह प्रोजेक्ट इंदिरापुरम हैबिटेट सेंटर प्राइवेट लिमिटेड के सीएमडी प्रमोद गोयल का है। बृहस्पतिवार को पीठ ने प्रोजेक्ट के 41 मामलों पर सुनवाई की। इस दौरान बिल्डर के अधिवक्ता ने बताया कि इंदिरापुरम हैबिटेट सेंटर प्राइवेट लिमिटेड का मामला एनसीएलटी में चल रहा है। एनसीएलटी ने आईआरपी भी नियुक्त कर दिया है। बिल्डर ने कंपनी को घाटे में दिखाया है और दिवालिया घोषित कर कंपनी को निलाम करने की अपील की है। वहीं, एनसीएलटी में मामला जाने के बाद यूपी रेरा ने सुनवाई रोक दी है। पीठ तीन के सदस्य भानु प्रताप सिंह ने बताया कि बिल्डर स्वयं एनसीएलटी गया है। रेरा प्रोजेक्ट का फॉरेंसिक ऑडिट कराने और किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा चुका है। खरीदारों ने स्वयं प्रोजेक्ट को पूरा करने की मांग रखी थी। उनको प्रोजेक्ट सौंपा जाना था, ताकि उसको पूरा कराया जा सके। अब बिल्डर एनसीएलटी चला गया है तो सुनवाई के बाद सभी मामलों को प्रतीक्षा में रख लिया गया है। एनसीएलटी से मामला निस्तारित होने के बाद रेरा अग्रिम फैसला लेगा। वहीं, इंदिरापुरम हैबिटेट सेंटर शॉप ऑनर्स एसोसिएशन के महासचिव शेखर कपूर ने बताया कि बिल्डर की अपील को चुनौती दी जाएगी। बिल्डर ने जिस कंपनी से ऋण लिया था, वह उसके रिश्तेदार की है, यह मिलीभगत है। खरीदार बिल्डर को इसमें कामयाब नहीं होने देंगे। रेरा से उनको न्याय मिलने वाला था। यह देखकर बिल्डर एनसीएलटी चला गया है।