यह समझौता भारतीय हस्तशिल्प को दुनिया के सबसे परिपक्व बाजारों तक सीधी पहुंच दिलाएगा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के लागू होने का जोरदार स्वागत किया है। परिषद के अनुसार, यह समझौता भारतीय हस्तशिल्प को दुनिया के सबसे परिपक्व बाजारों में से एक तक सीधी पहुंच दिलाएगा, क्योंकि यूके अब भारत के लगभग 99% हस्तशिल्प निर्यात पर शून्य-शुल्क की सुविधा दे रहा है।
ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने बताया कि समझौते के पहले ही दिन मेटल प्लांटर्स, लकड़ी के बर्तन और अन्य होम डेकोर उत्पादों की पहली खेप यूके भेजी गई है। इससे होम, लाइफस्टाइल, फर्निशिंग और फर्नीचर श्रेणियों में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। उन्होंने साझा किया कि एक्सपो बाजार के माध्यम से यूके के बुटीक स्टोर्स को होने वाली मासिक बिक्री अब 30 हजार पाउंड से बढ़कर 1,00,000 पाउंड तक पहुंचने की उम्मीद है। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान कुल हस्तशिल्प निर्यात 33,168 करोड़ रुपये का रहा था। वहीं यूके को हस्तशिल्प निर्यात 2,355.65 करोड़ का किया गया।