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Noida News: भारत तेल व गैस की खोज और उत्पादन के लिए उपयुक्त स्थान

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एक्सपो मार्ट में आयोजित जीईओ-2024 में मौजूद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी
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ग्रेटर नोएडा। एसोसिएशन ऑफ पेट्रोलियम जियोलॉजिस्ट (एपीजी) इंडिया की ओर से आयोजित इंडिया एक्सपो मार्ट में मेगा-भूविज्ञान सम्मेलन और प्रदर्शनी जीईओ इंडिया-2024 का शुक्रवार को शुभारंभ केद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने किया। 15 से 17 नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन में देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों, ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जाने वाले उपायों पर चर्चा की जा रही है।
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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, भारत तेल व गैस की खोज और उत्पादन के लिए उपयुक्त स्थान है। भारत जैसे विशाल देश में, बढ़ती अर्थव्यवस्था के अनुरूप ऊर्जा की मांग तेजी से बढ़ रही है।
उन्होंने कहा, भारत में प्रतिदिन 67 मिलियन लोग पेट्रोल पंपों पर जाते हैं। बढ़ती मांग से अगले दो दशकों में ऊर्जा की खपत में वैश्विक स्तर पर 25 प्रतिशत वृद्धि होने का अनुमान है। उपलब्धता, सामर्थ्य और स्थिरता के संतुलन को बनाए रखना न केवल प्राथमिकता है, बल्कि एक प्रतिबद्धता भी है जिसे हम अन्वेषण, उत्पादन और ऊर्जा सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर पूरा कर रहे हैं।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा, ऑयल फील्ड्स (विनियमन और विकास) संशोधन विधेयक-2024 में पेश किया गया, जिसका उद्देश्य तेल और गैस उत्पादकों के लिए नीति स्थिरता सुनिश्चित करना, अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की अनुमति देना और पट्टे की अवधि बढ़ाना है। 2040 तक 6 हजार मेगावाट उत्पादन रिन्यूएबल एनर्जी से पैदा करना लक्ष्य प्रदर्शनी में आए जीओ वैज्ञानिक उमंग नागपाल ने बताया, ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) अभी रिन्यूएबल एनर्जी के जरिए 190 मेगावाट तक ऊर्जा उत्पादन कर रहा है। 2040 तक यह लक्ष्य छह हजार मेगावाट तक का है। रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस है।'

उन्होंने कहा, 'पहले अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए तेल और गैस के लिए जीवाश्म ईंधन पर काफी निर्भर थे । अब हमें ऊर्जा भी चाहिए, साथ ही पर्यावरण भी बचाना है। ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा उत्पादन की ओर बढ़ना ही इस आयोजन का मकसद है। जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता ने पर्यावरण के लिए खतरा पैदा किया है। यहीं से समस्या भी पैदा होती है। सोलर, विंड एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन विकल्प हैं। दो हजार प्रतिभागी ले रहे भाग जीईओ इंडिया में लगभग 2 हजार प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें 20 से अधिक सम्मेलन सत्र होंगे। 200 से अधिक तकनीकी शोधपत्र और 50 से अधिक प्रदर्शनी सत्र हैं।'
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