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Noida News: हाउसिंग सोसाइटियों में बढ़ा मेंटेनेंस, लोगों का गुस्सा फूटा

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निवासी बोले- दाम बढ़ने से उनकी जेब पर भी इसका असर पड़ेगा
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। डीजल की बढ़ती कीमतों और रखरखाव खर्च में इजाफे का असर ग्रेटर नोएडा की हाउसिंग सोसाइटियों के लोगों पर पड़ रहा है। कई सोसाइटियों में डीजल जनरेटर (डीजी) और मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाया गया है, जिस पर निवासियों ने नाराजगी जताई है। कुछ जगहों पर लोगों ने विरोध भी किया और शुल्क निर्धारण में पारदर्शिता की मांग की। लोगों का कहना है कि दाम बढ़ने से उनकी जेब पर भी इसका असर पड़ेगा। वहीं, सोसाइटी प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि बढ़ती कीमतों के चलते मौजूदा दरों पर संचालन करना मुश्किल हो गया है।
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निराला एस्टेट में 7.69 रुपये प्रति यूनिट बढ़ा डीजी चार्ज

निराला एस्टेट सोसाइटी में डीजी चार्ज 21.24 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 28.93 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है। बढ़े हुए शुल्क का सीधा असर निवासियों के मेंटेनेंस बिल पर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पहले डीजी बैकअप को सामान्य सुविधा माना जाता था लेकिन अब यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। जब बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो डीजी का उपयोग मजबूरी बन जाता है, ऐसे में बढ़े हुए शुल्क का भार सीधे उनकी जेब पर पड़ रहा है।
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देविका गोल्ड होम्स में बैठक में शुल्क बढ़ोत्तरी का फैसला
वहीं देविका गोल्ड होम्स सोसाइटी में भी सामान्य निकाय बैठक में डीजी शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया गया है। सोसाइटी प्रबंधन के मुताबिक, डीजल और पेट्रोल की कीमतों के साथ-साथ संचालन लागत भी बढ़ी है। मौजूदा दरों पर व्यवस्था चलाना मुश्किल है। एओए पदाधिकारी अनुराग के अनुसार, बिजली कटौती के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए जनरेटर का संचालन जरूरी है। बैठक में खर्चों का पूरा विवरण सदस्यों के सामने रखा गया और इसके बाद शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया गया।
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89 पैसे प्रति वर्ग फुट की वृद्धि का विरोध
सुपरटेक इको विलेज-1 सोसाइटी में मेंटेनेंस शुल्क (कैम) बढ़ाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सोसाइटी का रखरखाव कर रही वाईजी फैसिलिटी एजेंसी ने 29 मई को जारी नोटिस में एक जून से मेंटेनेंस चार्ज 89 पैसे प्रति वर्ग फुट बढ़ाने की घोषणा की तो लोगों ने इसका विरोध किया। निवासियों का आरोप है कि एजेंसी ने बिना उनकी सहमति के शुल्क बढ़ाया है। एजेंसी को नियुक्त करते समय 2.36 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर पर सेवाएं देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आठ महीने के भीतर ही शुल्क बढ़ा दिया गया।लोगों का यह भी आरोप है कि बिजली, सुरक्षा, पार्किंग, लिफ्ट, क्लब और कूड़ा निस्तारण जैसी मूलभूत सुविधाओं में पहले से ही कई कमियां हैं बावजूद शुल्क बढ़ाया जा रहा है। कैम शुल्क के अलावा जिम, क्लब, इवेंट, गेस्ट रूम, कियोस्क और अन्य मदों से भी अलग-अलग शुल्क वसूले जाते हैं, लेकिन आय-व्यय का विस्तृत और पारदर्शी ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया जाता।
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