संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी, मारपीट करने और फाइनेंस कंपनी द्वारा महिला के पैसे काटने से संबंधित अलग-अलग शिकायतों पर सुनवाई करते हुए पुलिस विभाग के अधिकारियों को एफआईआर दर्ज करने निर्देश दिए।
उन्होंने हमला करने की शिकायत के मामले में जांच में लापरवाही बरतने पर संबंधित जांच अधिकारी (आईओ)के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में कुल 15 में से 10 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया गया। बैठक में पुरानी शिकायतों में शामिल पहली शिकायत में सीवन गेट निवासी मनजीत सिंह ने आरोप लगाया था कि उसने उसकी बेटी को विदेश भेजने के लिए रवि व अन्य से संपर्क किया। जो चंडीगढ़ में फर्म चलाते हैं। उन्होंने उसकी बेटी को विदेश न भेजकर उसके साथ नौ से दस लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। इस पर डीसी ने डीएसपी से इस मामले के संबंध में एफआईआर दर्ज करने संबंधित स्टेटस रिपोर्ट मांगी। पुलिस विभाग एफआईआर दर्ज करवाई नहीं पाई गई। जिस पर डीसी प्रीति ने डीएसपी को तुरंत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इस शिकायत को लंबित रखा गया। दूसरी शिकायत में जनकपुरी कालोनी निवासी सतीश कुमार की थी। अपनी शिकायत में उसने आरोप लगाया था कि उसके पड़ोस में किराये पर रहने वाले चार युवकों को गली में शराब पीने पर टोकने पर उसके साथ मारपीट की लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायतकर्ता ने डीसी प्रीति को घटना की सीसीटीवी फुटेज दिखाई। जिस पर डीसी ने डीएसपी को आरोपियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज होने के बावजूद भी अभी तक एफआईआर दर्ज न करने की लापरवाही के लिए संबंधित आईओ के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। मामले को अगली बैठक के लिए लंबित रखा।
शिकायत में प्रताप गेट कैथल पर संचालित संत गुरु रविदास सभा द्वारा संचालित स्कूल के प्रांगण में भरे पानी की निकासी व मिट्टी भराव की मांग की थी। इस मामले में नगर निकाय विभाग द्वारा समस्या का समाधान करवा दिया गया है। इसलिए इस शिकायत का निपटान कर दिया गया। वहीं जमीन की मलकियत को लेकर डीसी ने डीएमसी को रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजने और आगामी कार्रवाई नगर निकाय विभाग के नियमानुसार करने के निर्देश दिए।
कैथल निवासी श्याम लाल व अन्य की सीवरेज संबंधी शिकायत थी। इस मामले में संबंधित विभाग द्वारा सफाई करवा दी गई है। एसडीएम कैथल द्वारा किए गए निरीक्षण में भी सही कार्यवाही पाई गई। शिकायतकर्ता के संतुष्ट पाए जाने पर शिकायत का निपटान कर दिया गया। अगली शिकायत में सदरहेड़ी निवासी हरदीप सिंह ने विकलांग छात्रवृत्ति योजना का लाभ न मिलने पर कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में शिक्षा विभाग द्वारा जांच की गई। जिसमें प्रार्थी संबंधित योजना का पात्र नहीं पाया गया।
इस शिकायत का निपटान कर दिया गया। कसान निवासी कुसुम की शिकायत थी कि उसके बैंक खाते से 5600 रुपये की मनरेगा से आई राशि काट ली। इस मामले की जांच एलडीएम द्वारा की गई। जिसमें फाइनेंस कंपनी की कमी पाई गई।
जिस पर डीसी प्रीति ने पुलिस विभाग को संबंधित कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा पीड़ित को नियमानुसार पूरे पैसे दिलवाने के निर्देश दिए। इस शिकायत को लंबित रखा है। नई शिकायतों में गांव बरटा निवासी दिनेश ने नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने की शिकायत दी थी। इस मामले में पुलिस द्वारा बताया गया कि इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके चालान पेश कर दिए गए हैं। दो लोगों की संलिप्तता नहीं पाई गई थी।
मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए इस मामले का निपटान कर दिया गया। इस मौके पर जिप सीईओ सुरेश राविश, जिला नगर आयुक्त कपिल कुमार, एमडी शुगर मिल कृष्ण कुमार, कैथल एसडीएम अजय सिंह, गुहला एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह, सीटीएम गुरविंद्र, डीएसपी ललित सहित जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य व अन्य गणमान्य लोग व अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।