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Noida News: प्रशासन की आंख में धूल झोंक अब रात में चल रहा अवैध निर्माण का खेल

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-ज्यादा मुआवजे के लिए घटिया सामग्री से कराते हैं निर्माण काम
-अधिकारियों की लगातार कार्रवाई के बाद भी बेखौफ होकर चल रहा काम

माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की जमीन पर अवैध निर्माण कराने के मामले सामने आ रहे हैं। बेखौफ ठेकेदार लगातार प्रशासन की आंख में धूल झोंककर निर्माण काम करा रहे हैं, जिससे कि उन्हें ज्यादा मुआवजा मिल सके। प्रशासन ऐसे लोगों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। फिर भी बेखौफ ठेकेदार रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
एयरपोर्ट के लिए जमीनों के अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है। तीसरे चरण तक का अधिग्रहण हो चुका है और किसानों को तीसरे चरण के लिए मुआवजे भी बांटे जा रहे हैं। एयरपोर्ट में जमीन अधिग्रहित होने के बाद इसमें किसी तरह का निर्माण कराना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके बाद भी जेवर और इसके आसपास के क्षेत्र में लोग निर्माण काम करा रहे हैं। जिससे कि वह प्रशासन से ज्यादा मुआवजे की मांग कर सके। इस निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे कई हादसे भी हो चुके हैं।
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रात के अंधेरे में चल रहे निर्माण कार्य : अवैध निर्माण रोकने के लिए प्रशासन की टीमें दिन में सक्रिय रहती हैं। प्रशासन से बचने के लिए ठेकेदार दिन के बजाय रात में काम कर रहे हैं। ऐसे ही एक निर्माण काम को प्रशासन की टीम ने शुक्रवार सुबह छापेमारी करते हुए रोका है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
बने मकान पर मिलता है ज्यादा मुआवजा : अधिग्रहित हो चुकी जमीनों में बने हुए मकान पर दोगुना मुआवजा मिलता है और आवासीय प्लाट का भी लाभ मिलता है। इसीलिए लोग घटिया निर्माण सामग्री से मकान और इमारतें बनवा देते हैं। इसमें लागत भी कम आती है और उन्हें मुआवजे में ज्यादा रकम मिलती है। गांवों में ठेकेदारों के गैंग सक्रिय है, जो घटिया सामग्री से निर्माण कराता है। जब मुआवजे की रकम किसान को मिलती है, तो उन्हें भी लागत के अतिरिक्त कमीशन मिलता है। बीते दिनों नीमका गांव में दीपक नाम का व्यक्ति दूसरे के खेत में निर्माण करा रहा था। जिसके बाद गांव के लेखपालों ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
घटिया निर्माण सामग्री के कारण हो चुकी हैं 5 मौतें : जेवर के रामनेर गांव में 12 मार्च को मकान निर्माण के दौरान दीवार गिर गई। दीवार गिरने के कारण महिला मजदूर अनीता की मौत हो गई। अनीता के साथी मजदूरों ने पुलिस को बताया कि मकान मालिक मिट्टी से चिनाई करवा रहा था और घटिया ईंटें लगावाई जा रही थीं। इससे पहले जेवर के गांव साबौता में मकान गिरने से 4 मजदूरों की मौत हुई थी। 29 मार्च को नीमका में भी अवैध रूप से निर्माण किया जा रहा था। इस दौरान दूसरी मंजिल की छत गिर गई थी।
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अधिग्रहण हो चुके गांवों का सारा रिकॉर्ड हमारे पास मौजूद है। अब जो भी नए निर्माण करा रहे हैं, उनके खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही इनके मुआवजे भी रोके जाएंगे। -दुर्गेश सिंह, एसडीएम, जेवर
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