पुन्हाना। जिला नगर योजनाकार विभाग ने बृहस्पतिवार को पुन्हाना नगरपालिका इलाके में अवैध निर्माणों पर पहली बार तोड़फोड़ की है। पिछले 22 साल से पुन्हाना में करीब सात से अधिक अवैध कॉलोनियां बसने के बाद विभाग ने ऐसी कार्रवाई की है। विभाग की कार्रवाई से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। विरोध से निपटने के लिए पुन्हाना पुलिस के सब इंस्पेक्टर गौरव की अगुवाई में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। ड्यूटी मजिस्ट्रेट एंड जिला नगर योजनाकार विभाग के एटीपी महिपाल ने बताया कि पुन्हाना में अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुन्हाना में करीब 7 कॉलोनियों अवैध है उनमें सभी अवैध निर्माणों को तोड़ने के लिए कई दिनों तक ये अभियान चलाया जाएगा। उनका कहना है कि जब तक जिला योजनाकार विभाग से भवन निर्माण की मंजूरी नहीं ली जाएगी वे सारे निर्माण अवैध माने जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के अवैध निर्माण तोड़े गए हैं उनको पहले ही दो बार नोटिस दिए जा चुके हैं। विभाग ने बृहस्पतिवार को पुन्हाना-जमालगढ़ रोड पर बने कुछ अवैध निर्माणों को जेसीबी के माध्यम से ढहा गया।
उन्होंने बताया कि नगर योजनाकार विभाग हर जिले में कंट्रोल एरिया या अर्बन एरिया घोषित करता है। उनके विभाग से बिना मंजूरी के जो लोग अपने मकान बनाते हैं उनको अवैध माना जाता है। यहां तक की कोई भी आदमी अपनी जमीन पर मकान बनाना चाहता है तो नगर योजनाकार विभाग से जमीन की सीएलयू कराना पड़ेगा। पुन्हाना में उनके विभाग की ओर से पहली बार अवैध निर्माणों को तोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है।
लापरवाही से पुन्हाना में बस गई सात कॉलोनियां
पुन्हाना नगरपालिका में नगर योजनाकार विभाग की लापरवाही से पिछले 22 साल से अवैध निर्माणों पर कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण शहर में सात कॉलोनियां बस गई है। 1989 में पुन्हाना और नकनपुर गांव को मिलाकर पहली बार नगर पालिका का दर्जा दिया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चैटाला की सरकार ने 31 जुलाई 2000 को कम आबादी के कारण दर्जा समाप्त कर लिया था। वहीं बाद में कांग्रसे सरकार ने 21 अक्तूबर 2008 को पुन्हाना में नकनपुर, बासदल्ला, पटाकपुर, पटपड़बास गांवों को मिलाकर नगरपालिका को फिर से दर्जा दिया गया था। जब से पुन्हाना को नगरपालिका का दर्जा दिया गया है आज से पहले कभी यहां अवैध निर्माणों को तोड़ने का प्रयास नहीं किया गया।
पुन्हाना को काफी पुराना कंट्रोल एरिया और अर्बन एरिया घोषित किया हुआ है। अब तक यहां अवैध निर्माणों के खिलाफ क्यों नहीं कार्रवाई हुई। इसके बारे में तो पहले के ही अधिकारी बता सकते हैं। जनवरी में ही मेरी नियुक्ति हुई है। पुन्हाना में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
-महिपाल, एटीपी, जिला नगर योजनाकार विभाग
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