ग्रेटर नोएडा (जेपी शर्मा)। शाहबेरी में शत्रु संपत्ति पर अवैध निर्माण और कब्जा करने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। गृहमंत्रालय के शत्रु संपत्ति संरक्षक विभाग के निरीक्षण के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे गए पत्र के आधार पर बिसरख कोतवाली में आठ लोगों को नामजद कर केस दर्ज किया गया है। अमर उजाला शत्रु संपत्ति पर अवैध निर्माण व खरीद-फरोख्त के मुद्दे को प्रमुखता से उठा चुका है। इस कार्रवाई से लंबे समय से संघर्ष कर रहे निवेशकों व फ्लैट खरीदारों को एक बार फिर न्याय की उम्मीद जगी है। वे अब, शाहबेरी में फर्जीवाड़ा कर किए गए अवैध निर्माण के मामले से गृहमंत्रालय को अवगत कराने की तैयारी में जुट गए हैं।
शाहबेरी में अवैध निर्माण कर सैकड़ों फ्लैट बेच दिए गए थे। 17 जुलाई 2018 को इनमें से दो इमारतें भरभराकर गिर पड़ीं। मलबे में दबकर नौ लोगों की जान चली गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद कई एफआईआर दर्ज की गईं और कई बिल्डरों को जेल भेजा गया। आरोपियों पर गैंगस्टर और एनएसए की कार्रवाई भी की गई। कई बिल्डरों की गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत संपत्ति भी जब्त की गई। मुख्यमंत्री ने अवैध निर्माण के दौरान तैनात रहे अफसरों की सूची बनाकर भेजने व कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जांच में पता चला कि शाहबेरी स्थित शत्रु संपत्ति पर अवैध निर्माण व बिक्री बड़े स्तर पर की गई। इस पर गृह मंत्रालय के शत्रु संपत्ति संरक्षक विभाग ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। विभाग के सौरभ खरे की शिकायत पर गाजियाबाद के राजेश अग्रवाल, सेक्टर-4 के मुस्तजाब अली, कविनगर, गाजियाबाद के सूरजभान, चंद्रबोस, मुकेश पाल, अंकित चौधरी, सचिन चौधरी व प्रदीप शर्मा पर आईपीसी की धारा 188 व 447 के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है।
इन खसरों पर हुआ अतिक्रमण
निरीक्षण के दौरान शाहबेरी के खसरा नंबर 205,186, 187,30 पर अवैध निर्माण व अवैध कब्जा पाया गया है। खसरा नंबर 205 में 50 से अधिक अपार्टमेंट, खसरा नंबर -186 पर भवन, खसरा नं- 187 में झोपड़ियां, खसरा नंबर 30 पर 8 दुकानें मिली हैं। पट्टे की शर्तों का उल्लंघन भी पाया गया।
ये होती है शत्रु संपत्ति
देश के बंटवारे के दौरान जो लोग अपनी जमीन-मकान आदि छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे, उनकी संपत्ति को शत्रु संपत्ति कहा जाता है। ये संपत्ति भारत सरकार के अधीन होती है। इसकी खरीद-फरोख्त नहीं की जा सकती है। शाहबेरी समेत गौतमबुद्घ नगर जिले के कई स्थानों पर वर्तमान में भी शत्रु संपत्ति मौजूद है। फ्लैट खरीदार सचिन राघव का कहना है कि गृहमंत्रालय के शत्रु संपत्ति विभाग ने अभी केवल अवैध निर्माण का ही केस दर्ज कराया है। शाहबेरी में शत्रु संपत्ति की किस तरह से अफसरों से मिलीभगत कर खरीद फरोख्त की गई और लोगों को जाल में फंसाकर इनकी बिक्री की गई है, इससे गृहमंत्रालय को अवगत कराएंगे।
- शाहबेरी में शत्रु संपत्ति पर अवैध कब्जे के मामले में केंद्रीय गृहमंत्रालय के निर्देश पर आठ लोगों पर केस दर्ज कियाहै। मामले की जांच की जा रही है। अवैध कब्जे और निर्माण के मामले में पूर्व में भी कई केस दर्ज कर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है।
- हरीश चंदर, डीसीपी सेंट्रल नोएडा